ज़िला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे ने दिखाई सुशासन सरकार को आईना, ग्रामीणों ने खुद बनाया लकड़ी का पुल
बीजापुर:- क्षेत्र में विकास कार्यों की धीमी गति और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर ज़िला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे ने सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब शासन-प्रशासन ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं कर पाया, तब ग्रामीणों को अपनी मेहनत और संसाधनों से लकड़ी का पुल बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

बताया जा रहा है कि लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्र में पुल निर्माण की मांग की जा रही थी, लेकिन कई बार शिकायत और मांग पत्र देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बरसात के दिनों में लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों और मरीजों को सबसे अधिक दिक्कत होती थी।
आखिरकार ग्रामीणों ने एकजुट होकर स्वयं श्रमदान किया और नदी-नाले पर लकड़ी का अस्थायी पुल तैयार कर लिया। इस पहल से लोगों की आवाजाही तो आसान हुई, लेकिन साथ ही यह प्रशासनिक व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल बनकर सामने आया है।
ज़िला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे ने कहा कि यह घटना सुशासन के दावों की वास्तविकता को उजागर करती है। यदि समय पर पुल का निर्माण कराया जाता तो ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर लकड़ी का पुल बनाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द स्थायी और सुरक्षित पुल का निर्माण कराया जाए ताकि ग्रामीणों को भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों के लिए लगातार मांग करने के बावजूद उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। अब वे चाहते हैं कि शासन और प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थायी समाधान सुनिश्चित करे।
