केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा स्कूली बच्चों पर थोपा जा रहा है RSS की विचारधारा, यह संविधान की मूल भावना और मौलिक अधिकारों के खिलाफ़ है – भा.क.पा.


बीजापुर_ 19 जून 2026 को cpi नेता भाकपा जिला सचिव कामरेड कमलेश झाड़ी के नेतृत्व में सीपीआई जिला परिषद् बीजापुर ने सूबे के मुख्यमंत्री  के नाम  कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर स्कूल विभाग में जारी मंत्र उच्चारण करने के आदेश को तत्काल वापस लेने का मांग करते हुए केंद्र व राज्य सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है कि शिक्षा व्यवस्था में सरकार के द्वारा RSS के विचार धारा को थोपने का प्रयास किया जा रहा है। जो संविधान की मूल भावना और धर्मनिरपेक्ष मौलिक अधिकार के खिलाफ़ है। स्कूलो में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समानता न्याय बराबरी मानवता और राष्ट्रीय एकता को प्राथमिकता दिया जाना चाहिए परंतु भाजपा सरकार ने मंत्रोचारण का आदेश जारी कर यह साबित कर दिया है कि केंद्र और राज्य की सरकार की कार्यनीति आरएसएस के हाथ में है। जो देश के संवैधानिक मूल्यों मौलिक अधिकारों लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद खतरा है।जबकि शिक्षा व्यवस्था धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए उसमें किसी धर्म या विचारधारा को बढ़ावा देने का प्रयास नही होना चाहिए । हमारा मानना है कि भारत का संविधान सभी धर्मों, आस्थाओं, विचारों का समायोजन करता है सरकारी विद्यालय किसी एक धर्म परंपरा या विचारधारा का नही है बल्कि सभी बच्चों का है जिसमें अनेकता में एकता समाहित है। हम किसी धर्म विशेष का विरोध नही करते परन्तु शासकीय विद्यालयों में संविधान की धर्मनिरपेक्ष, समतामूलक और समावेशी भावना के अनुसार संचालित हो ताकि प्रत्येक विद्यार्थी चाहे वह किसी भी धर्म समुदाय या विचार से हो स्वयं को समान अनुकूलित सम्मानित महसूस करे। वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला कमेटी बीजापुर मांग करती है कि स्कूलों में मंत्रों का उच्चारण करने के आदेश को तत्काल वापस लेते हुए। आदिवासी क्षेत्र के स्कूलों में स्थानीय भाषा संस्कृति परंपराओं को प्राथमिकता दिया जाए।।

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