ऋषि-मुनियों की अमूल्य विरासत है योग, इसे जीवन का हिस्सा बनाएं- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा


कवर्धा,,,21 जून 2026/ 12 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जिला स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास पी. जी. कॉलेज डोम में प्रातः 07 बजे से प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा रहे। इस अवसर पर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष बिसेसर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू व मोतीराम चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट, नितेश अग्रवाल, गोपाल साहू, कलेक्टर गोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह, डीएफओ निखिल अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, स्कूल कॉलेज के छात्र छात्राएं, अधिकारी कर्मचारी व बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिनकी पहल से भारत की सदियों पुरानी हमारी स्वस्थ जीवन शैली की यह कला आज पूरे विश्व में अपनायी जा रही है। 12 वर्ष पूर्व अपने निर्वाचित होते ही उन्होंने योगा दिवस को अंतर्राष्ट्रीय स्तर मनाने का आह्वान किया था, जिसे 170 देशों ने समर्थन दिया है। आज प्रधानमंत्री मोदी 12 वर्षों के कार्यकाल के साथ सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री है, इसी के साथ यह अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भी 12 वां वर्ष है।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने आगे कहा कि आज हमारे ऋषि मुनियों के पुण्य स्मरण का अवसर है, हम उनके सदा आभारी रहेंगे जिन्होंने सेहत के इस बहुमूल्य कला विकसित किया और हमें विरासत के रूप में सौंपा है। यह एक प्रमाणित विद्या है, जो सदियों से हमारे जीवनशैली का अभिन्न अंग रहा है। उन्होंने नियमित रूप से योगाभ्यास पर जोर देते हुए कहा कि योग निरोगी काया के साथ स्वस्थ चित्त का आधार है। सभी वर्ग के लोगों ने इसे अपनाया है।कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारी कर्मचारी, स्कूल कॉलेज के छात्र छात्राओं और गणमान्य नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। पतंजलि योग समिति के वरिष्ठ योग प्रशिक्षक सुरेश चन्द्रवंशी व अन्य प्रशिक्षकों ने योगाभ्यास कराया। प्रार्थना के साथ योग सत्र का आरंभ हुआ। योग प्रशिक्षकों ने अभ्यास सत्र के दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वज्रासन, वक्रासन, भुजंगासन, उत्तान मंडूकासन, मकरासन, उत्तानपाद आसन, पवन मुक्तासन, प्राणायाम सहित अन्य विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया गया और इनके लाभ के बारे में जानकारी दी गई। अंत ध्यान और प्रार्थना के साथ सत्र का समापन हुआ।

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