भ्रामक खबर पर सर्व आदिवासी समाज ने जताई कड़ी आपत्ति
गीदम। आदिवासी समाज के ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र वट्टी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक खबर पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि उनके बयानों को व्यक्ति विशेष को टारगेट करके प्रस्तुत करना समाज में अनावश्यक भ्रम पैदा करने वाला कृत्य है।
आदिवासी समाज के ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र वट्टी ने अपने ताजा बयान में स्पष्ट किया है कि उन्होंने गीदम नगर पंचायत से केवल आरक्षित वर्ग की दुकानों के आवंटन की सूची मांगी थी। यह एक प्रक्रियात्मक जांच का हिस्सा था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आरक्षित वर्ग को नियमों के तहत लाभ मिल रहा है या नहीं? यदि इसमें कोई गड़बड़ी पाई जाती, तो समाज के लोग बैठकर विचार करते और प्रशासन से सवाल पूछते। श्री वट्टी ने इस बात पर घोर आपत्ति जताई कि उनकी बाइट (बयान) के साथ सिद्धिविनायक होटल की फोटो क्यों दिखाई गई। उन्होंने कहा, “मैंने न तो किसी व्यक्ति विशेष पर और न ही किसी संस्था पर कोई आरोप लगाया था। इस तरह किसी संस्था को मेरे बयान के आधार पर विवादों से जोड़ना व्यक्तिगत प्रतिशोध प्रतीत होता है। इसके अलावा, सांसद प्रतिनिधि नवीन विश्वकर्मा के पत्र को लेकर फैली अफवाहों पर भी उन्होंने सफाई दी। श्री वट्टी ने बताया कि उन्हें भी शुरू में भ्रामक जानकारी दी गई थी, लेकिन जब उन्होंने सांसद प्रतिनिधि के पत्र का अवलोकन किया, तो उसमें आदिवासियों के विरुद्ध कोई भी बात नहीं लिखी गई थी। उनके पत्र में केवल नगर पंचायत की बैठक में सांसद प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रण न मिलने को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। जो उनका अपना मामला था।
जितेंद्र वट्टी ने दो टूक में कहा कि किसी मुद्दे को बिना सोचे-समझे या किसी एजेंडे के तहत तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करना अफसोसजनक है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिस तरह उनके बयानों के साथ आपत्तिजनक सामग्री जोड़कर वायरल किया गया है, उस पूरे प्रकरण पर सर्व आदिवासी समाज की बैठक में चर्चा की जाएगी और आगे का क्या कदम उठाना है, यह फैसला समाज करेगा।
