भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का राज्य स्तरीय सम्मेलन प्रारम्भ

किरंदुल।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी छत्तीसगढ़ का आठवां राज्य सम्मेलन दिनांक 26, 27 जुलाई 2025 को रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ी अग्रवाल भवन के इंद्रजीत सिंह हाल में केंद्रीय पर्यवेक्षक व राष्ट्रीय सचिव मण्डल सदस्य एनी राजा तथा छत्तीसगढ़ राज्य प्रभारी पी संदोष कुमार राज्यसभा सांसद की उपस्थिति में प्रारम्भ हुआ।
सम्मेलन की शुरुआत में वयोवृद्ध श्रमिक नेता सीआर बक्शी तथा आरडीसीपी राव के द्वारा झंडा रोहण कर शहीद बेदी पर पुष्प अर्पित करके कम्युनिस्ट पार्टी के क्रांतिकारी शहीदों को याद किया गया।उपस्थित कार्यकर्ताओ की जोरदार नारेबाजी से सम्पूर्ण भवन लाल सलाम और इंकलाब के नारों से गूंजायमान हो गया,
तत्पश्चात सम्मेलन का उद्घाटन खुले सत्र द्वारा किया गया,जिसमें छत्तीसगढ़ के बिरादराना वामपंथी पार्टियों के प्रदेश स्तरीय व राष्ट्रीय स्तरीय नेताओं द्वारा सम्मेलन के सफल होने के लिए सदभावना संदेश प्रस्तुत किया गया।
उद्घाटन सत्र को भाकपा की राष्ट्रीय नेत्री कामरेड एनी राजा,राज्य प्रभारी कामरेड पी संतोष कुमार राज्यसभा सांसद,सीपीएम के नेता धर्मराज महापात्रा,सीपीआईएमएल रेड स्टार के पोलित ब्यूरो मेंबर तुहिन देव, सीपीआईएमएल से नरोत्तम शर्मा,छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा से पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर,एसयूसीआई कम्युनिस्ट के नेताओं द्वारा उपस्थित साथियों को संबोधित करते हुए वर्तमान समय में फासीवादी संकट के दौर में वामपंथी एकता को मजबूत करने व देश में लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा कर फासीवादी ताकतों को परास्त करने का आह्वान किया।राज्य सम्मेलन के विधिवत संचालन हेतु अध्यक्ष मंडल का निर्वाचन सर्वसम्मति से किया गया, जिसमे राजेश संधू, पवन कुमार वर्मा, मंजू कवासी, जितेंद्र सोरी, रामूराम मौर्य, शैलेश शुक्ला का चयन किया गया।अध्यक्ष मण्डल के गठन के पश्चात प्रदेश सहायक सचिव सत्यनारायण कमलेश द्वारा सचिव प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिस पर विभिन्न जिलों से आए 18 प्रमुख साथियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए सचिव के प्रतिवेदन में संशोधन/ सुधार करने की मांग की गई, जिसे अध्यक्ष मंडल द्वारा स्वीकार कर आवश्यक संशोधन पर चर्चा कराकर प्रतिवेदन को संशोधित किया गया तथा संशोधित प्रतिवेदन को केंद्रीय नेतृत्व को प्रेषित किए जाने का निर्णय लिया गया। सहायक सचिव द्वारा सिलसिलेवार आर्थिक संसाधनों की कमी एवं नेतृत्वकारी साथियों की भूमिका पर कटाक्ष करते हुए अपना जवाब प्रस्तुत किया गया।
सम्मेलन के दूसरे दिन तीसरे सत्र में प्रदेश व देश की जन समस्याओं पर्यावरणीय मामलों, छात्र-युवा, मजदूर- किसान, महिला, दलित, आदिवासी,अल्पसंख्यकों पर हमले, जल- जंगल- जमीन के सवाल पर गंभीर चिंतन, मनन करते हुए विभिन्न प्रस्ताव डॉक्टर सोम गोस्वामी द्वारा प्रस्तुत किए गए, जिन्हें सर्वसम्मति से राज्य सम्मेलन में पारित किया गया।
इसके बाद कॉम. लखन सिंह द्वारा उपस्थित प्रतिनिधियों द्वारा जमा क्रेडेन्सियल फॉर्म का विवरण प्रस्तुत कर बताया कि सम्मेलन में उपस्थित 205 प्रतिनिधियों में से 173 प्रतिनिधियों द्वारा क्रेडेंशियल फॉर्म जमा किया गया है जिसमें से आधे से ज्यादा छात्र -नौजवान है तथा राजनीतिक आंदोलन में जेल जाने वालों की संख्या 20 है जिसमें से बिलासपुर से पवन शर्मा विभिन्न राजनीतिक आंदोलन में 22 बार, वरिष्ठ अधिवक्ता ओम प्रकाश सिंह 17 बार, डॉ.सोम गोस्वामी 19 बार, संतु राम महंत 15 बार, सी. बक्शी दो बार जेल गए हैं।
क्रेडेंशियल रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के पश्चात 51 सदस्यीय नवीन राज्य परिषद तथा कंट्रोल कमीशन का सर्वसम्मति से निर्वाचन किया गया और नवनिर्वाचित राज्य परिषद की तत्काल ही बैठक आहूत की गई, जिसमें कंट्रोल कमीशन के अध्यक्ष अधिवक्ता तिलक पांडे तथा सदस्य आरडीसीपी राव, माखनलाल रजक, विजयलक्ष्मी को चुना गया। साथ ही 13 सदस्यीय सचिव मंडल सदस्यों का निर्वाचन सर्वसम्मति से किया गया, जिसमें के. साजी, राजेश संधू, मंजू कवासी, तिर्ष्या झाड़ी, तिलक पांडे, हरिनाथ सिंह, सत्यनारायण कमलेश, मुकेश बोहरा, जितेंद्र सोरी, फूल सिंह कचलाम, रामू राम मौर्य, अनिल यादव व लखन सिंह को चुना गया तथा नवनिर्वाचित राज्य परिषद का सचिव दंतेवाड़ा के कामरेड के. साजी को चुना गया।निर्वाचन उपरांत नवनिर्वाचित राज्य सचिव के. साजी द्वारा उपस्थित छत्तीसगढ़ के तमाम कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राज्य में कम्युनिस्ट पार्टी को मजबूत कर जन आंदोलन तेज करने का आह्वान किया।

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