राशन दिया नहीं अंगूठा लगवा लिया!
-अर्जुन झा-
बकावंड। विकासखंड मुख्यालय बकावंड से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत कौड़ावंड की उचित मूल्य दुकान एवं उसके आश्रित ग्राम शिवनागुड़ा में राशन वितरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। हितग्राहियों का कहना है कि उन्हें निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न नहीं मिल रहा है तथा वितरण प्रक्रिया में शासन के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा।
ग्राम शिवनागुड़ा के हितग्राही बुधरु ने बताया कि 27 जुलाई तक भी उसे उसके राशन कार्ड के अनुसार खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराया गया। उसका आरोप है कि राशन लेने से पहले ही दुकान में उसका बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठा) करा लिया गया, लेकिन बाद में निर्धारित राशन देने के बजाय केवल दो पैकेट चना और नमक दिया गया। हितग्राही का कहना है कि दो पैकेट चने के लिए उससे 44 रुपए ले लिए गए, जबकि उसके अनुसार देय राशि इससे काफी कम होनी चाहिए थी। उसने यह भी आरोप लगाया कि राशन कार्ड में शक्कर नहीं मिलने की प्रविष्टि होने के बावजूद रिकॉर्ड में शक्कर वितरण दर्ज कर दिया गया, जबकि उसे शक्कर नहीं मिली। दूसरी ओर, उचित मूल्य दुकान के संचालक ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि खाद्य विभाग के अधिकारियों के निर्देशानुसार पहले हितग्राहियों का बायोमेट्रिक सत्यापन कराया गया है। उनका कहना है कि चावल उपलब्ध होते ही सभी हितग्राहियों को उनका निर्धारित राशन वितरित कर दिया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन गरीब परिवारों को नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराने का दावा करता है, लेकिन संबंधित उचित मूल्य दुकान में नियमों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा सभी पात्र हितग्राहियों को उनका पूरा राशन उपलब्ध कराने की मांग की है। इस संबंध में खाद्य निरीक्षक हेमंत कुमार से दूरभाष पर संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि वे स्वयं मौके पर जाकर मामले की जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह पाया जाता है कि पहले बायोमेट्रिक लेकर राशन वितरण में अनियमितता की गई है, तो संबंधित संचालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आवश्यकता पड़ने पर उसे हटाकर नए संचालक की नियुक्ति की जाएगी। फिलहाल हितग्राहियों ने राशन वितरण में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं, जबकि दुकान संचालक ने चावल उपलब्ध होने के बाद राशन वितरण करने की बात कही है। अब पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
करेंगे मामले की जांच
राशन वितरण में गड़बड़ी की जांच की जाएगी। अगर अनियमितता पाई गई तो संबंधित दुकान के संचालन की जिम्मेदारी दूसरे व्यक्ति या समूह को दी जाएगी।
–हेमंत कुमार,
फूड इंस्पेक्टर, बकावंड
