दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में भाजपा द्वारा महिलाओं से हुई अभद्रता बेहद निंदनीय कृत्य,महापौर पांडे मांगें सार्वजनिक माफी- सुशील मौर्य ..

जगदलपुर।
बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा आज बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता दंतेश्वरी मंदिर के समीप मिताली चौक पहुंच शहर के सबसे व्यवस्तम मार्ग सिरहासार में दीपोत्सव कार्यक्रम के चलते शहर के छोटे व्यवसायियों को हो रहे भारी नुकसान के विरोध में सिरहासार मिताली चौंक में भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था यह विरोध प्रदर्शन भारतीय संविधान द्वारा नागरिकों को दिए गए लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार के तहत किया जा रहा था।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित ‘आशीर्वाद दीप’ कार्यक्रम के लिए शहर के अत्यंत व्यस्त मार्ग को बंद किए जाने तथा इसके कारण छोटे व्यापारियों की दुकानों को लंबे समय तक बंद रखने के निर्णय का कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध किया गया। कांग्रेस ने यह सवाल भी उठाया कि धार्मिक आस्था के केंद्र मां दंतेश्वरी मंदिर के आसपास आम नागरिकों और छोटे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी क्यों उठानी पड़े।शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आगे कहा इस दौरान छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री भी मौके पर पहुंचे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके समक्ष अपनी आपत्ति रखी। उपमुख्यमंत्री ने भी कहा कि मंदिर को बंद करना अथवा छोटे व्यापारियों की दुकानों को बेवजह बंद रखना उचित नहीं है और उन्होंने इस संबंध में जानकारी लेने की बात कही।लेकिन उनके वहां से जाते महापौर संजय पांडेय ने भाजपा युवा मोर्चा के समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और विरोध कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ विवाद एवं अभद्रता की व्यवहार के विवाद की स्थिति उत्पन्न कर दी युवा मोर्चा के पदाधिकारियों ने विरोध कर रही महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर चप्पल फेंकी गईं तथा उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया।यह घटना केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार का विषय नहीं है। संजय पांडेय शहर के प्रथम नागरिक हैं। जनता ने उन्हें इस पद पर चुनकर भेजा है। विरोध करने वाली महिलाएं और कांग्रेस कार्यकर्ता भी इसी शहर के सम्मानित नागरिक हैं। लोकतंत्र में विचारों का विरोध किया जा सकता है, लेकिन महिलाओं के साथ अभद्रता, गाली-गलौज अथवा चप्पल फेंकने जैसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आगे कहा जगदलपुर ने इससे पहले भी कई महापौर देखे हैं। चाहे भाजपा के महापौर रहे हों या कांग्रेस के—उनके कार्यकाल में भी अनेक राजनीतिक विरोध और आंदोलन हुए हैं। लेकिन लोकतांत्रिक विरोध का जवाब इस प्रकार की कथित अभद्रता और अराजक व्यवहार से देने की परंपरा जगदलपुर की राजनीति में नहीं रही है। लेकिन महापौर संजय पांडे हर जगह उत्तेजना दिखाते नजर आते हैं और आज भी उन्होंने वही कार्य किया..!

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कांग्रेस पार्टी द्वारा आज दलपत सागर की सफाई व्यवस्था और उसमें हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए गए। कांग्रेस ने यह भी सामने रखा कि लगभग एक वर्ष पूर्व सफाई के नाम पर किए गए कार्यों का दावा कितना वास्तविक था।इसी दौरान कार्यक्रम के लिए स्थान के चयन को लेकर भाजपा के ही वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा आपत्ति जताए जाने और कथित तौर पर फटकार लगाए जाने की बात भी सामने आई। ऐसे में सवाल उठता है कि राजनीतिक असहमति और अपनी ही पार्टी के भीतर उठे सवालों का जवाब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और महिलाओं पर गुस्सा निकालकर क्यों दिया गया?कुल मिलाकर आज की घटना के पीछे महापौर की असली बौखलाहट क्या है?यदि महापौर की मौजूदगी में महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग हुआ और चप्पल फेंकने जैसी घटना हुई, तो एक जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी जिम्मेदारी थी कि वे ऐसी हरकतों को रोकते, न कि उनके समर्थकों को ऐसा करने से रोकने के बजाय उनके साथ खड़े होकर महापौर ने उनका भरपूर साथ दिया गया …!

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आगे कहा राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है।गाली,चप्पल और गुंडागर्दी लोकतंत्र का जवाब नहीं है।जगदलपुर की जनता ने आपको शहर का प्रथम नागरिक बनाया है।इसलिए आपसे अपेक्षा है कि आप अपने पद की गरिमा को समझें और आज की घटना पर शहर की जनता,विशेषकर विरोध कर रही महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भाजपा के द्वारा महापौर संजय पांडे को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए..!

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