त्यौहारी सीजन में बस यात्रियों से लूट
जगदलपुर। रक्षाबंधन सीजन शुरू होते ही निजी बसों के किराए को लेकर यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने का गंभीर मामला सामने आया है। राजधानी ट्रैवल्स पर सरकारी निर्धारित दर से करीब 30 प्रतिशत अधिक किराया वसूलने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि जगदलपुर से बिलासपुर की यात्रा के लिए दो टिकटों पर 1700 की जगह उससे 2200 वसूले गए।
नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर एक यात्री ने बताया कि उसने 27 अगस्त की रात जगदलपुर से बिलासपुर जाने के लिए राजधानी ट्रैवल्स में दो टिकट बुक कराए। इसके लिए उससे कुल 2200 लिए गए।यात्री के अनुसार विभागीय निर्धारित दर के हिसाब से दोनों टिकटों का किराया करीब 1700 होना चाहिए था। इस हिसाब से एक ही बुकिंग में करीब 500 रुपए अतिरिक्त वसूले जाने का आरोप है, जो निर्धारित राशि से लगभग 29.4 प्रतिशत अधिक है। यात्री का आरोप है कि त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती मांग का फायदा उठाकर निजी बस संचालकों द्वारा अधिक किराया लिया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि अन्य यात्रियों से 30 से 50 प्रतिशत तक अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो सवाल उठता है कि आखिर सरकारी किराया निर्धारित होने के बावजूद यात्रियों से अतिरिक्त रकम कौन और किसकी अनुमति से वसूल रहा है?
जगदलपुर से बिलासपुर की दूरी करीब 426 किलोमीटर है। इस मार्ग पर सेवा श्रेणी के अनुसार विभागीय यात्री किराया लागू होता है। छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग की आधिकारिक व्यवस्था में यात्रियों के लिए बस किराया कैलकुलेटर और किराया संबंधी जानकारी भी उपलब्ध है। ऐसे में निर्धारित दर से अधिक किराया वसूले जाने के आरोप परिवहन विभाग की निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में परिवहन मंत्री केदार कश्यप का पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसी तरह बस्तर जिले के संबंधित परिवहन अधिकारी दुलीचंद बंजारे से भी संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या परिवहन विभाग राजधानी ट्रैवल्स के टिकट, किराया निर्धारण और परमिट की जांच करेगा? यदि निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूली जा रही है तो संबंधित बस संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है। साथ ही त्योहारी सीजन में अन्य निजी बसों द्वारा भी अधिक किराया वसूले जाने की शिकायतों की जांच की आवश्यकता है। यात्रियों की मांग है कि परिवहन विभाग तत्काल जांच करे और स्पष्ट करे कि तय किराए से ज्यादा वसूली की अनुमति आखिर किसने दी?
