करैत के डसे बच्चे के लिए मसीहा बन गए मेकाज के डॉक्टर



जगदलपुर सर्पदंश पीड़ित, हीमोग्लोबिन की गिरी हुई मात्रा, ब्रेन मलेरिया एनीमिया जैसी जटिल बीमारियों से ग्रसित एक बच्चे की जान बचाने में डिमरापाल मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने बड़ी कामयाबी हासिल की है।बच्चे की हालत में काफी सुधार आ गया है और उसे अभी ऑब्जेवेशन में रखा गया है।
इस बालक को जिला अस्पताल बीजापुर से रेफर हो के स्व. बलिराम कश्यप स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डिमरापाल अस्पताल (मेकाज) में अत्यंत गैस्पिंग अवस्था में लाया गया। अत्यधिक गंभीर एनीमिया एवं रेस्पिरेटरी फेलियर में होने के वजह से तत्काल बच्चे को इन्वेसिव वेंटिलेटर मशीन में रखकर पेडियाट्रिक इंटेंसिव केयर में इलाज प्रारंभ किया गया। मरीज को संभवतः करैत सांप ने काटा था। बच्चा कोमा में था। साथ ही उसे एस्पायरेशन निमोनिया और गंभीर एनीमिया भी था। हीमोग्लोबिन की मात्रा 6.2 मिलीग्राम थी। साथ ही पीरिफेरल सर्कुलटरी इन्सुफिइंसी भी उसे थी। फैल्सीपेरम मलेरिया भी था और वह ब्रेन मलेरिया से भी पीड़ित था। शिशु रोग विभाग के पीआईसीयू में गहन चिकित्सकीय इलाज दिया गया। 3 दिनों तक पॉजिटिव प्रेशर वेंटीलेशन में रखा गया। 30 घंटे इन्वासिव वेंटीलेटर एवं 42 घंटे नॉन इन्वासिव वेंटीलेटर में रखा गया। दो बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन किया गया। शॉक एवं ब्रेन मलेरिया का इंटेंसिव इलाज दिया गया। अभी भी बच्चे का इलाज जारी है और अब उसकी स्थिति खतरे से बाहर है। मरीज के उपचार में डॉ. अनुरूप साहू, डॉ. डीआर मंडावी, डॉ० राहुल पराशर, डॉ. स्मिता वर्मा, डॉ. संजय राव, डॉ. श्रव्या, डॉ. तुषार, डॉ. शैली, डॉ. अभिलेश, डॉ. करण एवं इंजार्च पीआईसीयू, इंचार्ज चिल्ड्रन वार्ड, व स्टाफ नर्स, वॉर्ड ब्वॉय,वार्ड आया का योगदान रहा।

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