बस्तर में शराब की 20 प्रतिशत अधिक कीमत वसूली!
-अर्जुन झा-
जगदलपुर। कांग्रेस सरकार के दौरान आबकारी घोटाले की गूंज अभी थमी भी नहीं है कि मौजूदा भाजपा सरकार के दौरान भी बस्तर में नया आबकारी घोटाला सामने आ गया है। खास बात यह कि कांग्रेस सरकार के आबकारी घोटाले के तार इसी बस्तर से जुड़े थे। अब यहां आबकारी विभाग ऎसी ऎसी करगुजारियां कर रहा है कि साय सरकार के सुशासन और साख को जमकर बट्टा लग रहा है। यहां की शराब दुकानों में प्रीमियम शराब 20 प्रतिशत ज्यादा कीमत पर बेची जा रही है। शॉर्टेज का हवाला देकर ग्राहकों को लूटा जा रहा है। आरोप है कि ग्राहकों से वसूली जा रही 20 प्रतिशत अधिक कीमत की राशि विभाग के अधिकारियों की जेबों में जा रही है।
उल्लेखनीय है कि भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में हुए कथित शराब घोटाले ने पूरे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की जड़ें हिला डाली। बस्तर संभाग के सुकमा जिले की कोंटा सीट से विधायक चुनकर भूपेश सरकार में आबकारी मंत्री रहे कवासी लखमा smet कई अधिकारी और नेता इस मामले में आरोपी नामजद है। हालांकि इसकी सच्चाई कोर्ट के फैसले के बाद ही सामने आएगी, मगर बस्तर में पदस्थ आबकारी विभाग के अधिकारी इस बड़ी कार्रवाई के बाद भी घोटाला करने से बाज नहीं आ रहे है। वे अपने निजी स्वार्थ और धन लिप्सा में इस कदर अंधे हो चले हैं कि साय के सुशासन को दागदार बनाने से भी नहीं चूक रहे हैं। पूर्व की सरकार में मंत्री का नाम लेकर ज्यादा राशि ली जाती है थी और उसे मंत्री के नाम का टैक्स कहा जाता था। अब हर ब्रांड की प्रीमियम शराब की कीमत 20 प्रतिशत ज्यादा ली जा रही है। यदि किसी शराब की बोतल की कीमत 1200 रुपए है, तो 20 प्रतिशत अतिरिक्त राशि जोड़कर कुल 1440 रुपए वसूले जाते हैं। इस तरह यहां ग्राहकों से खुलेआम लूट की जा रही है। यहां आबकारी अधिकारियों ने सरकार पर इतना तो रहम किया है कि इस बेजा उगाही को किसी मंत्री के नाम वाला टैक्स करार नहीं दिया है।

अवैध कमाई, शॉर्टेज का बहाना
अब अपने मनपसंद ब्रांड की शराब लेने के लिए मूल्य से ज्यादा रुपए देने होंगे, ऐसा खुलकर कहते हैं जगदलपुर शहर में अंग्रेजी शराब दुकानों के सेल्समैन का। पिछले कुछ दिनों से उम्दा ब्रांड की शराब की ज्यादा कीमत वसूलने का दौर यहां चल रहा है।. ग्राहक जब शराब दुकानों में किसी भी अच्छी ब्रांड की शराब मांगते हैं, तब पहले तो शराब दुकान के सेल्समैन साफ कह देते हैं कि इस श्रेणी की कोई भी शराब दुकान में उपलब्ध नहीं है। ग्राहक जब मिन्नतें करने लगता है तब सेल्समैन 20 से 25 प्रतिशत तक ज्यादा कीमत मांग कर अपने गुप्त ठिकाने से लाकर मनचाहे ब्रांड की शराब की बोतल ग्राहक के हाथों में थमा देता है।
हर श्रेणी की शराब हो कैशलेस
साय सरकार ने शराब दुकानों में चल रहे भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए हाल ही में दुकानों में कैशलेस सिस्टम लागू की घोषणा की है। यह सिस्टम सिर्फ प्रीमियम शराब दुकानों में लागू होगा। इससे मनमानी पर अंकुश तो लगेगा, मगर पूरी तरह नहीं। मनमानी, भ्रष्टाचार और बेजा कीमत वसूली पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए सरकार को ऎसी व्यवस्था हर श्रेणी की शराब दुकानों में लागू करनी होगी। देशी शराब दुकानों में भी यह व्यवस्था कारगर साबित होगी, क्योंकि आज हर हाथ में मोबाईल फोन है और अधिकांश लोग डिजीटल पेमेंट और लेनदेन करने लगे हैं।
