डबल इंजन-ट्रिपल इंजन सरकार के दावों के बीच दो दिनों में हुई दो मौतें,ध्वस्त कानून व्यवस्था भाजपा सरकार की नाकामी का पुख्ता प्रमाण- सुशील मौर्य …
जगदलपुर:- बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने जगदलपुर में लगातार दो दिनों में हुई दो दर्दनाक घटनाओं को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन और ट्रिपल इंजन सरकार के दावे करते-करते भाजपा सरकार के ढाई साल पूरे हो गए, लेकिन आम जनता आज भी सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और बुनियादी प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल पूछ रही है।सुशील मौर्य ने कहा कि नया बस स्टैंड के पास शराब दुकान के समीप विवाद के बाद चाकूबाजी में एक युवक की मौत हो गई।सार्वजनिक स्थान के पास हुई इस घटना ने शहर की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में अपराधी चाकू लेकर घूम रहे हैं और विवाद हत्या तक पहुंच रहे हैं, तो पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था आखिर कहां है?अपराध होने के बाद कार्रवाई करना जरूरी है, लेकिन सरकार और पुलिस की पहली जिम्मेदारी अपराध को होने से रोकना है। यदि अपराधियों में कानून का भय नहीं है और आम नागरिक सार्वजनिक स्थानों पर भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है, तो सरकार को अपनी कानून-व्यवस्था की व्यवस्था पर गंभीरता से जवाब देना चाहिए।
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि कहीं कार में लोगों को जिंदा जलाने जैसी घटनाओं की खबर सामने आती है, कहीं चाकूबाजी में युवाओं की जान चली जाती है और कहीं अपराधी खुलेआम वारदात को अंजाम देते हैं। ऐसे मामलों के बीच सरकार को केवल उपलब्धियां गिनाने के बजाय यह बताना चाहिए कि अपराध रोकने के लिए जमीन पर उसकी ठोस रणनीति क्या है। भाजपा सरकार हर मंच से डबल इंजन और ट्रिपल इंजन की बात करती है,लेकिन जनता का सवाल सीधा है- अगर इतने इंजन हैं तो कानून-व्यवस्था की गाड़ी पटरी से क्यों उतर रही है?
सुशील मौर्य ने आगे कहा कि शहर में अपराधी बेखौफ नजर आ रहे हैं,जबकि पुलिस की सक्रियता अपराध रोकने के बजाय ‘साइलेंसर’ में कार्रवाई करने और रील बनाने तक सीमित दिखाई दे रही है। पुलिस की असली सक्रियता सड़कों पर दिखनी चाहिए—संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी, अपराधियों पर कार्रवाई और आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा देने में सोशल मीडिया की रीलें और दिखावटी कार्रवाई जनता को सुरक्षा का एहसास नहीं करा सकतीं।जनता पूछ रही है—पुलिस अपराध रोकने में व्यस्त है या सिर्फ रील बनाने में..?
सुशील मौर्य ने आगे कहा कि सत्ता पक्ष के नेताओं की सुरक्षा और राजनीतिक कार्यक्रमों में पुलिस की सक्रियता दिखाई देती है, विपक्ष के नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोकने में भी पुलिस तत्पर नजर आती है, लेकिन आम नागरिक की सुरक्षा का सवाल आने पर वही सक्रियता क्यों दिखाई नहीं देती? पुलिस की प्राथमिकता राजनीतिक गतिविधियां नहीं, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना होना चाहिए।पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय करना सरकार का दायित्व है। अपराध रोकने के लिए पर्याप्त पुलिसिंग, संसाधन, निगरानी और प्रभावी गश्त सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि अपराध लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं, तो सरकार को केवल पुलिस के स्तर पर कार्रवाई बताने के बजाय पूरी व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए।
सुशील मौर्य ने कहा कि चाकूबाजी की घटना के एक दिन पहले ही शहर के प्रमुख और व्यस्त संजय मार्केट में डोसा सेंटर लगाने वाले एक 16 वर्षीय युवक की कटे हुए बिजली के तार की चपेट में आने से मौत हो गई।बताया गया है कि युवक रोज की तरह अपना डोसा सेंटर खोलने पहुंचा था और ठेले पर लगी झिल्ली ठीक करते समय बिजली के तार के संपर्क में आ गया। घटना में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सुशील मौर्य ने कहा कि यह केवल एक हादसा नहीं है,बल्कि सरकार और प्रशासन की सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जिस संजय मार्केट में रोज बड़ी संख्या में व्यापारी, ग्राहक और आम नागरिक पहुंचते हैं, वहां कटे हुए या खतरनाक बिजली के तार का मौजूद रहना बेहद गंभीर लापरवाही का मामला है। यदि बाजार जैसे व्यस्त सार्वजनिक स्थान पर बिजली के तार सुरक्षित नहीं हैं, तो प्रशासन और संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।एक तरफ नया बस स्टैंड के पास चाकूबाजी में एक युवक की जान चली जाती है और दूसरी तरफ संजय मार्केट में बिजली के तार की चपेट में आकर एक युवा की मौत हो जाती है।दो दिनों में हुई ये दो मौतें यह पूछने के लिए काफी हैं कि सरकार और प्रशासन आम नागरिक की सुरक्षा को लेकर आखिर कितना गंभीर है?उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी केवल घटना के बाद जांच या कार्रवाई करना नहीं है। सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना भी है कि सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे खतरनाक हालात पैदा ही न हों। संजय मार्केट सहित शहर के सभी बाजारों में बिजली के तारों और विद्युत व्यवस्था की नियमित जांच होनी चाहिए और जहां भी खतरा दिखाई दे,उसे तत्काल दूर किया जाना चाहिए।
सुशील मौर्य ने कहा कांग्रेस पार्टी की स्पष्ट मांग है की नया बस स्टैंड सहित शहर के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त और निगरानी तत्काल बढ़ाई जाए। शराब दुकानों के आसपास होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए और चाकूबाजी की घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।उन्होंने यह भी मांग की कि शहर में हाल की आपराधिक घटनाओं की समीक्षा कर पुलिसिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाए और सरकार स्पष्ट करे कि अपराध रोकने के लिए उसकी ठोस कार्ययोजना क्या है।साथ ही संजय मार्केट सहित शहर के सभी व्यस्त बाजारों में बिजली सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल जांच की जाए। खुले, कटे और खतरनाक बिजली तारों को तत्काल हटाकर सुरक्षित किया जाए तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए।सुशील मौर्य ने कहा कि भाजपा सरकार के ढाई साल पूरे हो चुके हैं। अब जनता को उपलब्धियों के नारों से आगे बढ़कर जमीन पर जवाब चाहिए।
डबल इंजन हो या ट्रिपल इंजन—सरकार की असली परीक्षा इस बात से होगी कि आम नागरिक अपने शहर में कितना सुरक्षित है।श्री मौर्य ने कहा कि यदि आम आदमी अपराधियों के चाकू और प्रशासनिक लापरवाही के बीच असुरक्षित है, तो सरकार को अपने नारों से बाहर निकलकर जनता के सामने जवाब देना होगा।
जनता पूछ रही है—इंजन कितने हैं,यह मत बताइए; यह बताइए कि आम आदमी सुरक्षित क्यों नहीं है?
