लुनिया परिवार ने नेत्रदान कर प्रस्तुत किया मानव सेवा का अनुकरणीय उदाहरण
कवर्धा,,,27 सितंबर 2026। जिले में मानव सेवा और सामाजिक जागरूकता की मिसाल पेश करते हुए लुनिया परिवार ने स्वर्गीय भीषम चंद लुनिया के निधन उपरांत उनकी आँखों का दान कर समाज के समक्ष एक अनुपम एवं अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। परिवार द्वारा लिया गया यह निर्णय न केवल जरूरतमंद व्यक्तियों के जीवन में रोशनी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला प्रेरणादायी कदम भी है।
मृत्यु उपरांत नेत्रदान की प्रक्रिया को जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा आवश्यक प्रोटोकॉल के अनुसार संपन्न कराया गया। इस कार्य में नेत्र सर्जन डॉ. क्षमा चोपड़ा, डॉ. आयुषी साहू, स्टाफ नर्स रमेश्वरी नेताम, नेत्र सहायक अधिकारी मनीष जॉय एवं लक्ष्मीकांत राजपूत तथा वाहन चालक रिजवान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेंद्र तुरे एवं डीपीएम श्रीमती अनुपमा तिवारी के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संपादित किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों से अपील की गई कि नेत्रदान, अंगदान और देहदान जैसे मानव कल्याणकारी कार्यों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करें। मृत्यु के बाद किया गया दान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में नई आशा और रोशनी ला सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी सहित सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। ऐसे सामाजिक एवं मानवीय प्रयास समाज में सेवा, संवेदना और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
