तेंदूपत्ता संग्रहण 2022-जिले में अभी तक 48568 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण
बीजापुर : – जिले में तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए वर्तमान में अंचल के संग्राहकों में काफी उत्साह परिलक्षित हो रहा है। भीषण गर्मी के बावजूद तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवार तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य में लगे हुए हैं। यही वजह है कि जिले में तेन्दूपत्ता संग्रहण वर्ष 2022 के तहत् विगत 5 मई से प्रारंभ तेन्दूपत्ता संग्रहण के दौरान अभी तक 48568 मानक बोरा तेन्दूपत्ता की खरीदी की गयी है। जिले के तेन्दूपत्ता की गुणवत्ता अच्छी और उपयुक्त माने जाने के फलस्वरुप यहां पर पहले से ही तेन्दूपत्ता का सभी लॉट का अग्रिम विक्रय हो चुका है। डीएफओ एवं प्रबन्ध संचालक जिला वनोपज सहकारी यूनियन अशोक पटेल ने बताया कि जिले के अंतर्गत जिला वनोपज सहकारी यूनियन बीजापुर में तेन्दूपत्ता संग्रहण वर्ष 2022 के तहत् एक लाख 11900 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित है। जिसके एवज में अब तक 48568 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया जा चुका है। जिले में कुल 28 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के द्वारा 543 तेन्दूपत्ता फड़ों में तेंदूपत्ता खरीदी की जा रही है। जिसमें धनोरा, संतोषपुर, नैमेड़, गुदमा, तोयनार, पुसनार,चेरपाल, करकेली, कुटरु, भैरमगढ़, कोडोली, माटवाड़ा , बरदेला, मिरतुर, पामगल, बंदेपारा, मददेड़, चेरपल्ली , सकनापल्ली , देपला, भद्राकाली, पामेड़, पुजारी कांकेर, उसूर, हीरापुर, कोरसागुड़ा चेरामंगी एवं ईलमिड़ी प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के अंतर्गत वनांचल के तेन्दूपत्ता संग्राहकों द्वारा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया जा रहा है। अभी भीषण गर्मी में भी तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवार तेन्दूपत्ता संग्रहण में पूरे उत्साह के साथ लगे हुए हैं। इस बारे में धनोरा के संग्राहक माण्डोराम कुडियम बताते हैं कि खेती-किसानी के अलावा तेन्दूपत्ता ग्रामीण संग्राहकों के लिए आय का प्रमुख जरिया है। इसे ध्यान रखकर सीजन में ज्यादा से ज्यादा तेन्दूपत्ता का संग्रहण करते हैं। जैतालूर के संग्राहक चैनसाय चालकी एवं सीताराम मांझी ने भी इसी तरह अपने विचार व्यक्त करते बताया कि वनोपज संग्रहण हमारे लिए आय का एक वैकल्पिक स्त्रोत है। अभी तेन्दूपत्ता संग्रहण से संग्राहक परिवारों को अच्छा पारिश्रमिक मिलेगा। इसके बाद फिर से ग्रामीण खेती-किसानी में लग जायेंगे। तेन्दूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक राशि से शादी-ब्याह जैसे सामाजिक कार्य निपट जाता है। वहीं घर-परिवार की जरुरत के लिए खर्च करते हैं। इसे मद्देनजर रखकर सीजन में अधिक से अधिक तेन्दूपत्ता संग्रहण करने के लिए परिवार के सभी सदस्य जुटे हुए हैं।
