स्वरूपानन्द जी के शताब्दी वर्ष के रूप में होगा चातुर्मास, शङ्कराचार्य स्वरूपानन्द: , दण्डी सन्यासी सदानन्द एवं दण्डी सन्यासी अविमुक्तेश्वरानन्द: का चातुर्मास परमहंसी में

कवर्धा :- प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा एवं चातुर्मास के अवसर पर शङ्कराचार्य परम्परा के निर्वाहक, शङ्कराचार्य एवं दोनों दण्डी सन्यासियों के शिष्य गण अपनी-अपनी सुविधाओं के अनुसार कवर्धा जिला सहीत छत्तीसगढ़ से परमहंसी जायेंगे ।
शङ्कराचार्य जन कल्याण न्यास के मिडीया प्रभारी पण्डित देव दत्त दुबे ने बताया की शङ्कराचार्य जन कल्याण न्यास के प्रबंध ट्रस्टी चन्द्रप्रकाश उपाध्याय इस चातुर्मास के दौरान गुरु पूर्णिमा ,दण्डी सन्यासी स्वामि: श्री अविमुक्तेश्वरानन्द: सरस्वती जी के प्राकट्योत्सव, दण्डी स्वामि: श्री सदानन्द सरस्वती जी के प्रस्कत्योत्सव एवं हरितालिका तीज भाद्रपक्ष (तीजा) शङ्कराचार्य जी के प्राकट्योत्सव से लेकर चातुर्मास के सिमोलङ्घ्न कार्यक्रम तक प्रमुख – प्रमुख अवसरों पर परमहंसी के प्रवास पर रहेंगे ।

प्रातः स्मरणीय परम श्रद्धेय पूज्य पाद जगतगुरु शङ्कराचार्य स्वामि: श्री स्वरूपानन्द: सरस्वती जी महाराज श्री का चातुर्मास्य परमहंसी मे होगा । महाराज श्री के कृपापात्र दंडी स्वामि: श्री सदानंद सरस्वती जी महाराज द्वारका गुजरात एवं दंडी स्वामि: श्री अविमुक्तेश्वरानन्द: सरस्वती जी महाराज श्री ज्योतिर्मठ बद्रिकाश्रम का भी चातुर्मास अनुष्ठान परमहंसी गंगा आश्रम में ही सम्पन्न होगा ।

गुरु पूर्णिमा 13 जुलाई को होगा ब्यास पूजन एवं कलश स्थापना

गौरतलब है कि स्वास्थ्य गत कारणों से 99 वर्षीय जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामि: स्वरुपानन्द: सरस्वती जी महाराज मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले की तहसील गोटेगाँव (श्रीधाम ) मे स्थित अपनी तपो स्थली परमहंसी गंगा आश्रम ( झोतेश्वर ) में काफी लम्बे समय से विराजमान हैं और स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं ।
शङ्कराचार्य जी प्रतिदिन स्वयं पूजन अर्चन कर रहे हैं व श्रद्धालुओ को एक निश्चित समय पर दर्शन लाभ भी दे रहे हैं , इस वर्ष 2022 को होने वाले चातुर्मास को शङ्कराचार्य जी के शताब्दी वर्ष के रूप में मनाने की तैय्यारियां परमहंसी आश्रम में बड़े जोरों से चल रही है । पहले दिन ब्यास पूजा व कलश स्थापना होगी तथा चातुर्मास्य का संकल्प लिया जाएगा ।

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