बस्तर कनिष्ठ चयन बोर्ड का गठन महज एक राजनीतिक दिखावा – फूलचंद गागड़ा
बस्तर के आदिवासी युवाओं के लिए कनिष्ठ बोर्ड, किंतु चयनित हो रहे बाहरी क्षेत्र के अभियर्थी
बीजापुर – कांग्रेस सरकार द्वारा गठन किया गया बस्तर कनिष्ठ चयन बोर्ड को भाजयुमो प्रदेश कार्यसमिति सदस्य फूलचंद गागड़ा ने महज एक राजनीतिक दिखावा बताया।
प्रेस विज्ञप्ति जारी कर रोजगार के विषय पर गागड़ा ने कहा कि बड़ी विडंबना की बात है यह चयन बोर्ड वास्तव में बस्तर के आदिवासी युवाओं के हित के लिए होता तो क्यों बस्तर की बेटी ने स्वास्थ्य विभाग में कनिष्ठ चयन बोर्ड द्वारा लिए गए रिक्त पदों में बाहरी अभ्यर्थियों का चयन होने के कारण बस्तर आयुक्त को जांच के लिए आवेदन दी। इस संबंध में जब सीएचएमओ से जानकारी लेने पर उनका मौन रहना कहीं न कहीं शासन पर सवाल खड़ा करते हैं ।
फूलचंद ने आगे कहा है कांग्रेस सरकार ने शिक्षा विभाग में 14580 पदों की भर्ती ली जिसमें सहायक शिक्षक तृतीय श्रेणी के पदों में स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दिया जाना था किंतु उनकी प्राथमिकता खत्म कर सरकार पांचवी अनुसूची क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बस्तर संभाग के आदिवासी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया।
गागड़ा का कहना है कि कांग्रेस ने शिक्षा विभाग में बस्तर के आदिवासी युवाओं को तृतीय श्रेणी के पदों में प्राथमिकता से वंचित कर पांचवी अनुसूची क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अधिकारों का उल्लंघन किया जो कि निंदनीय है। उन्होंने एनएसयूआई के अंकित सिंह को कहा कि पहले वे अपने नीतियों को एक पारदर्शिता दें उसके बाद ही इस संबंध में बयान बाजी करें। गागड़ा ने सरकार की नीतियों पर व्यंग्य कसते हुए कहा कि कांग्रेस पिछले साढ़े तीन सालों में बस्तर अंचल के आदिवासी युवाओं को सिर्फ और सिर्फ एक चुनावी जुमला का शिकार बनाया, वास्तविकता में उनके विकास के लिए कुछ नहीं किया,जनता सब जान चुकी है इनकी असफल योजनाओं से त्रस्त है।
