पोटा केबिन अधीक्षक पर छात्रों के राशन की हेरा फेरी करने का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की लिखित शिकायत
भोपालपटनम(जरखांन):- विकास खंड में संचालित पोटाकेबीन के अधिक्षक पर बच्चों के खाद्यान्न की तस्करी का आरोप लगाकर उन्हें तत्काल हटाने की मांग कर रहे हैं. ग्रामीणों में अधीक्षक द्वारा कुछ दिनों पूर्व एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि का अपमान किया गया है.

विकास खंड के ग्राम पंचायत सण्डरापल्ली में संचालित बालक आवासीय छात्रावास( पोटाकेबीन) अधीक्षक पर बच्चों को खाने में दिये जाने चावल की तस्करी का आरोप लगाया गया है. ग्रामीणों ने कहा कि दशहरा की छुट्टियां होने के कारण छात्रावास खाली है. 3/10/ 22 को अधीक्षक आता है और स्वयं के टेक्टर में लगभग 35 क्विंटल चावल भृत्य से लोड कराकर ले जा रहा था. ग्रामीणों ने टेक्टर रोक लिया और पूछा कि इतना चावल कहाँ ले जा रहे हो? चावल ले जा रहे हैं तो लिखकर दो? अधीक्षक ने कहा कि चावल पॉलिस करने ले जा रहा हूँ. आप लोगो को लिखकर क्यों दू, मैंने इसकी अनुमति बीईओ से ले लिया है. टेक्टर को जाने दिया. जब ग्रामीण वहाँ पहुंचे तो चावल को शासकीय बोरी से निकालकर प्लास्टिक के सफेद बोरी में पल्टी किया गया. जब ग्रामीण धान मील पहुंचे तो और मामला बिगड़ता देख अधीक्षक ने आनन फानन में रात में ही चावल को छात्रावास में रखवा दिया.

ग्रामीणों का कहना है कि छात्रावास अधीक्षक रात में सोते नहीं है. छात्रावास में उनका लड़का देखभाल करता है. जब अधीक्षक जयहिंद लाटकर है तो लड़का क्यों रहता है? इसके पूर्व में भी अधीक्षक रहे हैं वो इस प्रकार का कोई कृत्य नहीं करते थे.
कुछ दिनों पूर्व उप सरपंच कान्तैया कुरसम छात्रावास में जांच करने गए तो उनसे कहा कि तुम को अंदर आने की अनुमति किसने दिया? कोई भी बिना अनुमति के नहीं आ सकता? जनप्रतिनिधि के साथ ही गाली गलौज कर मारपीट किया. ग्रामीणों ने इसकी शिकायत करने वाले थे किन्तु बुजुर्ग लोगों के समझाने पर अधीक्षक को माफ कर दिया. साथ ही अधीक्षक को भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति ना हो समझाईश दिया.
अब प्रश्न यह है कि जब चावल पॉलिस कराने धान मील ले गया तो उसे आनन फानन छात्रावास में गुपचुप क्यों रखवाया?
इस संबंध में जब प्रभारी बीईओ कमलेश ध्रुव से जानकारी मोबाइल पर ली तो कहा कि अधीक्षक द्वारा चावल पॉलिस कराने हेतु मुझसे ना मौखिक और ना ही लिखित में अनुमति ली.
ग्रामीणों द्वारा अधीक्षक के कृत्य को विधायक विक्रम शाह मंडावी, अनु विभागीय अधिकारी ( राजस्व) श्री गवेल को मोबाइल पर जानकारी दी. ग्रामीण अब इसकी लिखित शिकायत जिलाधीश, डीपीसी, डीईओ देने वाले है. ग्रामीणों ने मांग की है कि उक्त अधीक्षक को तत्काल अधीक्षक पद से हटाकर अन्य शिक्षक को अधीक्षक बनाया जाए. ऐसे विवादास्पद शिक्षक को अधीक्षक पर बनाए रखने का कोई औचित्य नही है जो बच्चों के पेट भर डाका डाले.इस सम्बंध में ग्रामीणों व मीडिया कर्मियों से बी आर सी मिर्जा खान से बात हुईं तो उन्होंने ने कहा हैकि मैं उक्त समस्या के संबंध में जिले के उच्च अधिकारी से चर्चा करूँगा।
