लगातार दबोचे जा रहे हैं नशीली दवाओं के स्ट्रीट वेंडर्स
दो युवक भी पकड़े गए नशीली टेबलेट बेचते
जगदलपुर (अर्जुन झा ):- नशीली दवाओं के स्ट्रीट वेंडर्स के खिलाफ बस्तर जिला पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। नशीली कैप्सूल्स बेचने वाली महिला को बोधघाट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं सिटी कोतवाली पुलिस ने दो युवकों को नशीली टेबलेट बेचते पकड़ा है। बस्तर में संभवतः पहली बार नशीली दवा बेचने के आरोप में किसी महिला को पकड़ा गया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजे जाने की खबर है।

बस्तर जिला पुलिस नशीली दवाओं के सौदागरों पर लगातार नकेल कस रही है। अब तक ऐसे दर्जनों नशे के सौदागर पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं और जेल की हवा खा रहे हैं। अवैध रूप से नशीली कैप्सूल का विक्रय करने वाली कुम्हार पारा की महिला सेविका नेताम पति वासु नेताम को पकड़ा गया है। उसके कब्जे से 554 नग नशीली दवाई कैप्सूल नकद रकम बरामद की गई है। बस्तर के उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा के मार्गदर्शन में बस्तर पुलिस द्वारा आपराधिक तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। नशीली दवाओं के सौदागरों के खिलाफ पुलिस एक्शन मोड में काम कर रही है। इसी कड़ी में अवैध रूप से नशीली कैप्सूल बेचने वाली महिला के विरुद्ध कार्रवाई करने में बोधघाट थाना पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस को सूचना मिली थी कि जगदलपुर शहर मे एक महिला अवैध रूप से नशीली कैप्सूल बेचने हेतु अपने पास रखी है। इस सूचना पर थाना प्रभारी बोधघाट के नेतृत्व में टीम गठित कर महिला को माड़िया चौक कुम्हार पारा सुलभ के पास पकड़ा गया। महिला के कब्जे से उपरोक्त 4 हजार 986 रू. मूल्य की 554 नग नशीली कैप्सूल व नकद रकम 4, 500 रू. जप्त की गई। आरोपिया के विरूद्ध थाना बोधघाट जगदलपुर में धारा 21(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। आरोपिया को गिरफ्तार कर, न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया। आरोपी महिला को पकड़ने में उप पुलिस अधीक्षक विशाल गर्ग, निरीक्षक कविता धुर्वे, उप निरीक्षक अरुण मरकाम, छबिल, प्रधान आरक्षक पवन श्रीवास्तव, आरक्षक टोमेश्वर चंद्राकर, राकेश मंडावी, अमिला वट्टी व मोनिका का योगदान रहा।
आसना चौक पर धरे गए दो युवक
वहीं जगदलपुर सिटी कोतवाली पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान आसना चौक पर मोटर साईकिल के जरिए नशीली टेबलेट की तस्करी कर रहे दो युवकों को धर दबोचा।
आरोपी युवकों से 5 हजार 760 रू. मूल्य की 2400 नग प्रतिबंधित नशीली टेबलेट दो मोबाईल फोन, 400 नकद रकम और बाईक बरामद की गई है। आरोपी युवकों के नाम सूरज मंडावी पिता स्व. संवर्धन मंडावी 20 वर्ष कुम्हारपारा कोसा सेंटर के पीछे जगदलपुर और आशीष जार्ज पिता राजू 22 साल कुम्हारपारा भवानी चौक हैं। गुप्त सूचना के आधार पर उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेशवर नाग एवं नगर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के पर्यवेक्षण और थाना प्रभारी कोतवाली लीलाधर राठौर के नेतृत्व में टीम को आसना रोड पर वाहनों की चेकिंग में लगाया गया था। इस टीम ने वाहनों की चेकिंग के दौरान मोटर सायकल सवार दो युवक पुलिस को देख गाड़ी मोडकर भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।युवकों ने अपना अपना नाम सूरज मंडावी व आशीष जार्ज बताया। उनके पास रखे थैले की तलाशी लेने पर 2400 नग अवैध नशीली अल्प्राजोलम टेबलेट आईपी 0.5 एमजी पाई गई। यह टेबलेट अवैध एवं प्रतिबंधित बताई गई है और नशीली दवा की श्रेणी में आती है। आरोपियों पर 21 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई कर 2400 नग टेबलेट, 2 मोबाईल फोन, एक मोटर साईकिल व 400 रू. नकद रकम की जप्ती बनाई गई। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। इन आरोपियों को पकड़ने में टीआई लीलाधर राठौर व सुरेश जांगड़े, उप निरीक्षक प्रमोद ठाकुर, अमित सिदार व लोकेश्वर नाग, प्रधान आरक्षक अनंत बघेल, अनिल कन्नौजे व उमेश चंदेल, सहायक निरीक्षक अविनाश झा, आरक्षक भूपेंद्र नेताम, रवि सरदार, युवराज सिंह, भृगु कश्यप, विनोद खेस, नुकुल नुरेटी ने अहम भूमिका निभाई।
इधर ड्रग विभाग का तांडव
नशीली दवाओं के कारोबार पर अंकुश लगाने जहां पुलिस ठोस कार्रवाई कर रही है, वहीं खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग अपनी नाकामयाबी पर पर्दा डालने के लिए मेडिकल स्टोर्स में तांडव मचाने पर आमादा है। प्रतिबंधित नशीली गोलियों, कैप्सूल्स और सिरप का विक्रय दंडनीय अपराध है। अधिकृत दवा विक्रेता ऐसी दवाओं को बेचने का दुस्साहस नहीं कर पाते। अगर ऐसा करते वे पकड़े गए, तो जेल जाने और उनका ड्रग लाइसेंस रद्द हो जाने का खतरा रहता है। चंद रुपयों के लोभ में न पड़कर मेडिकल स्टोर्स के संचालक इस गोरखधंधे से दूर ही रहना पसंद करते हैं, ड्रग इंस्पेक्टर अपनी नाकामी छुपाने और वसूली के लिए लाव लश्कर के साथ दवा दुकानों में छानबीन करने समय बेसमय पहुंच जाते हैं। दवा विक्रेताओं को झूठे प्रकरण बनाकर उनका लाइसेंस रद्द करवा देने की धौंस दिखाते हैं और अपने ऑफिस में आकर मिलने के लिए कहते हैं। कुछ मेडिकल स्टोर्स के संचालकों का कहना है कि ड्रग इंस्पेक्टर नाजायज मांग भी करते हैं और इसीलिए वे दवा विक्रेताओं को अपने दफ्तर में बुलाते हैं। दवा विक्रेताओं के मुताबिक नशीली दवाएं बेचने वाले लोग बाहर से नशीली टेबलेट्स, कैप्सूल्स और सिरप बस्तर में लाकर खपा रहे हैं। इस पर रोक लगाने के लिए पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई को दवा विक्रेताओं ने सराहा है।
