हसदेव जंगल कटाई मामले में फेक ग्रामसभा की जांच हो – दीपक बैज
डॉ. रमनसिंह के कार्यकाल में हुआ था यह फर्जीवाड़ा
जगदलपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपक बैज ने कहा है कि सरगुजा जिले के हसदेव इलाके में जंगल कटाई और कोयला खनन के लिए फर्जी ग्रामसभा प्रतिवेदन का सहारा लिया गया था। यह फर्जीवाड़ा डॉ. रमनसिंह के कार्यकाल में हुआ था। श्री बैज ने कहा है कि इस फेक ग्रामसभा मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जांच पूरी होते तक हसदेव के जंगलों में पेड़ों की कटाई तथा कोयला खनन पर रोक लगाई जाए।
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में हसदेव मामले पर बेहद आक्रामक अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार आदिवासियों को जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से बेदखल कर दो उद्योगपतियों का भला करने में लगी है। हसदेव के जंगलों की कटाई एक बड़े औद्योगिक घराने को वहां कोल ब्लॉक आवंटन के लिए की जा रही है। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से वहां के आदिवासी बेहद दुखी हैं और इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं। विरोध करने वाले ग्रामीणों को डराया, धमकाया, आतंकित किया जा रहा है और जेलों में ठूंसा जा रहा है। दीपक बैज ने कहा कि नैसर्गिक वनों, वन एवं खनिज संपदा पर वनवासियों और आदिवासियों का पहला हक होता है। किसी भी गांव या संरक्षित वन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई व प्रोजेक्ट स्थापना के लिए वहां की ग्रामसभा का अनुमोदना एवं सहमति लेना जरूरी होती है। हसदेव अरण्य में पेड़ों की कटाई के लिए फर्जी ग्रामसभा प्रतिवेदन का सहारा लिया गया है। पीसीसी चीफ ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार थी, तब जनवरी 2018 में फेक ग्रामसभा प्रक्रिया का सहारा लिया गया था। ऐसा करके हसदेव अरण्य क्षेत्र के आदिवासियों के साथ भाजपा सरकार ने धोखाधड़ी की है। दीपक बैज ने फेक ग्रामसभा प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने पर जोर देते हुए कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी होते तक हसदेव अरण्य क्षेत्र में पेड़ों की कटाई और कोयला खनन पर रोक लगाई जानी चाहिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र और छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार दो उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए नियम विरुद्ध और आदिवासियों के खिलाफ कदम उठाती आ रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर के नंदराज पहाड़ में लौह अयस्क खनन के लिए भी ऐसा ही हथकंडा अपनाया गया था, जिसका कांग्रेस और आदिवासियों ने पुरजोर विरोध किया, तब सरकार को फैसला वापस लेना पड़ा।
आदिवासी हितरक्षा में साय असमर्थ
दीपक बैज ने कहा कि एक आदिवासी होने के नाते मैंने आदिवासी नेता विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर खुशी जताई थी। मुझे भरोसा था कि आदिवासी मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की भलाई के लिए काम करेंगे और उनका अहित हरगिज नहीं होने देंगे। अब यह भरोसा धराशायी हो गया है। मुख्यमंत्री श्री साय आदिवासियों के हितों की रक्षा में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं। हसदेव के आदिवासी और वनपुत्र बिलख रहे हैं, बस्तर के आदिवासी किसान खुदकुशी कर रहे हैं, मगर विष्णुदेव साय सरकार को जरा भी तरस नहीं आ रही है। सरकार गठन के माहभर के भीतर राज्य में अपराध बढ़ने पर भी दीपक बैज ने साय सरकार को आड़ेहाथों लिया।
हवा हो गए भाजपा के चुनावी वादे
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा पर छत्तीसगढ़ की जनता से विश्वासघात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने जो वादे किए थे, उन पर अब तक अमल होता दिख नहीं रहा है। 3100 रू. प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का वादा पूरा नहीं किया गया, किसान खरीदी केंद्रों के कर्मियों पर भड़ास निकाल रहे हैं। किसानों की कर्जमाफी पर भी बात नहीं हो रही है। किसान आत्महत्या करने विवश हैं। माता बहनों को भी छलने का काम भाजपा ने किया है। महतारी वंदन योजना लागू कर हर महिला को प्रतिवर्ष 12 हजार रू. देने का वादा किया गया था। इस पर भी कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। मातृशक्ति अब भाजपा को कोस रही है। श्री बैज ने कहा कि मोदीजी के उद्योगपति मित्र को लाभ पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार ने अपनी पहली केबिनेट बैठक में ही हसदेव अरण्य क्षेत्र में पेड़ों की कटाई पर मुहर लगा दी थी। माताओं और किसानों के हितों से जुड़े मसलों को लटकाए रखने को लेकर श्री बैज ने भाजपा सरकार की मंशा पर भी सवालिया निशान लगाए। प्रेसवार्ता में दीपक बैज के साथ कांग्रेस के शहर जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य, ग्रामीण जिला अध्यक्ष बलराम मौर्य, पूर्व विधायक रेखचंद जैन, जतिन जायसवाल, महापौर सफीरा साहू, नगर निगम सभापति कविता साहू व अन्य नेता मौजूद थे।
