जैबेल शैक्षणिक संकुल में अनुदान राशि की जमकर अफरा तफरी
बकावंड। पूरा मामला जिला बस्तर बकावंड ब्लाक के अंतर्गत आने वाले संकुल केंद्र जैबेल में शिक्षा विभाग से मिली अनुदान राशि की बंदरबांट की जा रही है।
चुनाव के दौरान की गई रंगाई पोताई को हालिया किया काम दिखाकर राशि का गोलमाल
किया गया है।
जैबेल के पूर्व सीएससी चंद्रशेखर पांडे भी एवं सुर्खियों में रहे हैं। मौजूदा संकुल समन्वयक भी उसी नक्शे कदम पर चल रहे हैं।स्कूलों में खेल सामग्री, घड़ियां व अन्य सामान बांटकर रकम की वसूली स्कूल प्रबंधन से करने का भी आरोप बीआरसी अरुण पांडे पर पहले भी लगा था। जिला स्तर से गठित जांच
दल ने आरोप सही पाए जाने पर उन्हें बीआरसी पद से हटा दिया गया था। तब की कांग्रेस सरकार में बैठे रसूखदार जनप्रतिनिधियों के दम पर वे पुनः अपनी बकावंड वापसी कराने में सफल हो गए। वापसी के बाद वे आज भी सुर्खियों में बने रहते हैं।
अधिकारी उनके खिलाफ शिकायतों को न जाने क्यों नजरअंदाज कर देते हैं।कहा जाता है कि वे अपनी अवैध कमाई का हिस्सा अधिकारियों तक पहुंचाते हैं।. इसीलिए शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती। कई स्कूलों में अनुदान राशि जारी होने के बाद भी रंगाई पोताई कार्य नहीं हुआ है। इस विषय को लेकर पहले विपक्ष में रहे भाजपा के जनप्रतिनिधियों द्वारा सवाल उठते रहे हैं। अब देखना होगा कि 5 वर्ष बाद पुनः सत्ता में काबिज भाजपा की सरकार ऐसे भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई करती है?
