अकासिया लकड़ी के आड़ में सरई लकड़ी का किया जा रहा था अवैध परिवहन




कोंडागांव (अमरेश झा ):- आड़ जात लकड़ी की आड़ में ईमारती लकड़ियां कोंडागांव जिले की आरा मिलों में खपाई जा रही हैं। इस कृत्य में वन विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की चर्चा है। ऐसा ही एक मामला कोंडागांव की एक आरा मिल में समने आया। मामले की कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों से आरा मिल मालिक बदसलूकी करने लगा।
जिला मुख्यालय से लगे ग्राम जोंधरापदर से आकासिया लकड़ी के साथ इमारती सरई लकड़ी का भी परिवहन किया जा रहा था। दिन दहाड़े अवैध परिवहन करते एक ट्रैक्टर लकड़ी को आरा मिल में खाली करने की कोशिश की जा रही थी। खबर मिलने पर मौके पर पहुंचे पत्रकार कवरेज करने लगे। कवरेज के दौरान आरा मिल मालिक पत्रकारों से ही बदतमीजी करने लगा। वहीं मौका पाकर परिवहनकर्ता लकड़ी लेकर ट्रैक्टर के साथ फरार हो गया। बड़ी बात यह है कि उक्त लकड़ी के परिवहन के लिए जो टीपी पर्ची बनवाई गई थी, उसमें केवल अकेसिया लकड़ी के परिवहन के लिए पंचायत से अनुमति ली गई थी। इस मामले से इंकार नहीं किया जा सकता कि जिला मुख्यालय कोंडागांव की आरा मिलों में आड़ जात लकड़ियों के परिवहन का परमिशन लेकर उसकी आड़ में इमारती लकड़ियों को भी चोरी छुपे आरा मिलों में खपाया जा रहा है। आरामिल मालिकों के बुलंद हौसले और कवरेज करने वाले पत्रकारों से बदसलूकी इस बात के प्रमाण हैं कि आरा मिल मालिकों और ईमारती लकड़ियों के अवैध परिवहन में लगे लोगों को वन विभाग के अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है। अगर वन विभाग के बड़े अफसर सख्ती से जांच एवं कार्रवाई करते हैं, तो सीमावर्ती नारायणपुर जिले जैसे आश्चर्यजनक चौंकाने वाला परिणाम मिल मिल सकता है। ऐसा परिणाम कोंडागांव की आरा मिलो में भी देखने को मिल जाएगा

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