तालाब बनाने वन विभाग दे रहा पेड़ों की बलि
छोटे कापसी :- अधिक मुनाफा के लिए चढ़ाया जा रहा है पेड़ो की बली यह कार्य कोई वन माफिया या तस्कर नही बल्कि वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी ही कर रहे है जंगल के अंदर वन्यप्राणियों के पानी पीने एवम भू जल स्तर बनाए रखने वन विभाग लाखों रुपये खर्च कर तालाब का निर्माण करवाता है लेकिन निर्माणाधीन तालाब में ही दिया जा रहा है पेरो की बलि। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है। जहां पश्चिम परलकोट (बांदे) वन परिक्षेत्र के अंतर्गत कोरेनार सर्किल अंतर्गत कक्ष क्रमांक पी एफ 1281 में वन विभाग के जिम्मेदार वन परिक्षेत्र अधिकारी,डिप्टी रेंजर ने नियमों को ताक में रखकर तालाब का निर्माण करवा रहे है। इसके लिए हरे भरे इमारती पेड़ों की बलि दे दी गई। विभाग द्वारा निर्माण कार्य में दर्जनों पेड़ों को जेसीबी मशीन से उखाड़ कर फेंकने और कटाई कराई गई है व सबूत मिटाने के लिए डिप्टी रेंजर द्वारा कुछ हरे भरे प़ेडों को स्थल से गायब कर दिया ताकि सबूत न मिल सके।

जिनके ऊपर जंगल की रक्षा की जिम्मेदारी है वही निजी स्वार्थ सिद्धी के लिए भक्षक बन बैठे निजी लाभ के लिए मजदूरों की जगह मशीनों से काम कराया गया…
पूरे जिलेभर में पलायन रोकने के लिए शासन प्रशासन अनेकों उपाय कर रहा है ताकि स्थानीय मजदूर अन्य राज्य पलायन नहीं करे। उन्हें गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो सके,लेकिन वन विभाग पश्चिम परलकोट (बांदे) के रेंजर द्वारा नियमों को ताक में रखकर अपने और उच्च अधिकारियों को लाभ दिलाने के उद्देश्य से मजदूरों से कार्य नहीं करवाकर जेसीबी मशीन से काम करवाया। अगर मजदूरों से काम करवाया जाता तो मजदूरों को रोजगार मिलता,लेकिन अधिकारी अपने निजी फायदे (लाभ) पहुंचाने के उद्देश्य से मशीनों से काम करवाया गया। तलब के बांध में पानी डालकर रोलर चलवाया जाता है ताकि मजबूती हो सके परंतु विभाग ने जंगल का फायदा उठा कर तलब में बिना रोलर का प्रोयोग किए ही पूर्ण कर डाला तलब निर्माण कार्य बाद में तोड़ा बहुत काम मजदूरों से करवाया जाएगा। तकि गांव में विवाद की स्थिति निर्मित ना हो।
तालाब निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड भी नदारद…
आपको बता दे कि ग्रामीणों को जानकारी देने एवं कार्य मे पारदर्शिता के चलते विभाग द्वारा सूचना पटल लगवाया जाता है ताकि लोगों को जानकारी मिल सके की कार्य किस योजना एवं निर्माण कार्य की लागत राशि कितनी है। परंतु तालाब निर्माण स्थल पर विभाग द्वारा सूचना बोर्ड
नही लगवाया गए।
इस संबंध पर कोरेनार डिप्टी रेंजर अरबिंद वाटले ने बतलाया की तालाब निर्माण में कोई भी इमारती पेड़ नही काटा गया है,तालाब निर्माण की लागत राशि कितनी है मैं नही बता पाऊँगा आपको ऑफिस से जानकारी मिल जाएगी। सूचना बोर्ड काम पूरा होने के बाद लगवा दिया जाएगा।
इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी पश्चिम परलकोट (बांदे) राममूर्ति बघेल से दूरभाष क्रमांक संपर्क करने कि 6265114362 पर संपर्क करने का प्रयास किया गया,उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया
