वन मंत्री नगद भुगतान की बात पहले ही कर चुके हैं,अब झूठी वाहवाही के लिए विधायक कर रहे मांग – मुदलियार

मंत्री केदार कश्यप 16 अप्रैल को ही तेंदूपत्ता संग्राहकों को नगद भुगतान किये जाने की बात कह चुके हैं

बीजापुर – विधायक विक्रम मंडावी और कांग्रेस पार्टी सस्ती लोकप्रियता के फेर में ऐसी मांगे कर रहे हैं जो मांगे पूर्व में ही स्पष्ट किया जा चुका है छत्तीसगढ़ शासन में वन मंत्री केदार कश्यप ने 16 अप्रैल को ही तेंदूपत्ता संग्राहकों को नगद भुगतान की बात कह दिए हैं बावजूद अब इसी मांग को लेकर विधायक का ज्ञापन दिया जाना हास्यास्पद है उक्त वक्तव्य भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार ने दी है।
भाजपा जिला अध्यक्ष ने क्षेत्रीय विधायक विक्रम मंडावी के मांग को सस्ती लोकप्रियता का हिस्सा बताते कहा है कि बस्तर के आदिवासियों का तेंदुपत्ता आय का मुख्य स्रोत में से एक है जो इस समय संग्रहण किया जा रहा है और भाजपा की सरकार ने आदिवासी हित मे 5500 रुपया मानक दर किया है,इससे संग्राहकों में हर्ष है। अब आदिवासियों से सस्ती लोकप्रियता के चक्कर मे कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी लगे हुए हैं जबकि मंत्री केदार कश्यप ने तेंदुपत्ता संग्राहकों को नगद भुगतान करने की बात पहले की कर चुके हैं लेकिन विधायक का इसी मांग को लेकर ज्ञापन देना हास्यास्पद है और झूठी वाहवाही के फेर में हैं। इनकी पांच साल की सरकार ने इस ओर कोई बेहतर कार्य नही किया जबकि आज भाजपा संग्राहकों के हित मे कई बड़े फैसले लिया है।
वहीं मुदलियार ने कहा है की भाजपा को आदिवासियों की चिंता है भाजपा उनके हित में सदैव तत्पर रहती है इसलिए ही संग्राहकों के साथ होने वाली समस्याओं का ध्यान रखते हुए वनमंत्री ने 20 दिन पूर्व इस बात को कह चुके हैं भुगतान नगद होगा,वहीं अब विधायक की मांग का कोई औचित्य नही है।
साथ ही कांग्रेस के सरकार आने के बाद चरण पादुका,साड़ियां संग्राहकों का बन्द कर दिया गया था उसे पुनः भाजपा सरकार में देने की योजना में है। नगद भुगतान की मांग कर झूठी वाह वाही और अपनी सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए विधायक लगे हैं।

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