7 सूत्रीय मंगों को लेकर तहसील मुख्यालय कुटरू में कांग्रेस का विशाल धरना-प्रदर्शन
कुटरू क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्रामीण धरना-प्रदर्शन में हुए शामिल
ग्रामीणों संग कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर बीजापुर को सौंपा ज्ञापन
बीजापुर :- सोमवार को ज़िला कांग्रेस कमेटी बीजापुर ने तहसील मुख्यालय कुटर में कुटरू क्षेत्र के ग्रामीणों संग क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन किया और प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर बीजापुर को ज्ञापन सौंपा है। मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपे गये ज्ञापन में मुख्यरूप से 7 मांगे शामिल है जिसमें मांग की गई है कि
तेंदुपत्ता क्षेत्र के आदिवासी ग्रामीणों का मुख्य आय का स्त्रोत है। वर्तमान में तेंदूपत्ता तोडाई का काम पूरा हो चुका है पर वर्तमान में तेंदूपत्ता का भुगतान नगद ना होकर बैंक खाते के माध्यम से होने जा रहा है क्षेत्र में बैंक नही है तथा बैंक की दूरी भी बहुत अधिक होने के कारण लोगों को बहुत परेशानी होगी। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए तेंदूपत्ता का नगद भुगतान किया जाए। कुटरू निवासी सोमा चिडियम जो कि वर्षों से ग्राम कुटरू में निवासरत् है उसके जमीन को अतिक्रमण बताकर षड़यंत्र पूर्वक तहसीलदार/पटवारी के द्वारा तोडा गया है जो कि अनुचित है। सोमा चिडियम को उसकी जमीन वापिस की जाये। गांव-गांव से निर्दोष ग्रामीणों को पकडकर पुलिस के द्वारा बेवजह मारपीट कर, उन्हे जेल भेजा जा रहा है। जिसे तत्काल बंद किया जाए।
निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों को फर्जी मुठभेड में मारना बंद किया जाए। थाना प्रभारी कुटरू राजीव श्रीवास्तव तथा थाना प्रभारी फरसेगढ़ आकाश मसीह के द्वारा आये दिन ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज, मारपीठ कर ग्रामीणों को जेल भेजना एवं जेल भेजने की धमकी दिया जा रहा है। साथ ही क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों के साथ एवं ग्राम प्रमुखों के साथ में अभद्र व्यवहार किया जाता है जिसे तत्काल बंद किया जाये एवं दोनों थाना प्रभारियों को हटाया जाए। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुटरू में पिछले 4 महीने से डॉक्टर नही है, वहां पर तत्काल डॉक्टर पदस्थ किया जाए। तहसीलदार कुटरू विरेन्द्र श्रीवास्तव के द्वारा अंबेली पंचायत के आश्रित गांव आकलंका के लगभग 80 ग्रामीणों से वन अधिकार पट्टा दिलाने के नाम पर प्रति व्यक्ति से रू-1200 (एक हजार दो सौ रूपये) कुल राशि- 96000.00 (छ्यानव्वे हजार रूपये) लिया गया है। ग्रामीणों को उनकी राशि वापस कर तहसीलदार पर कार्यवाही की जाए एवं सभी ग्रामीणों को वन अधिकार पट्टा दिया जाए।

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि “जिले के आदिवासियों को सुरक्षा देने और आदिवासियों के हितों की रक्षा करने में प्रदेश की भाजपा सरकार पूरी तरह फेल है चाहे वो मुतवेंडी में छः माह की बच्ची को गोली लगने से हुई मौत हो या फिर पीढ़िया की घटना हर तरफ़ आदिवासी वर्ग ही प्रताड़ित है आज आदिवासी समुदाय अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार बनी है आदिवासियों पर अत्याचार बड़े है।”
इस दौरान ज़िला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुडियम, ज़िला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे, ज़िला पंचायत सदस्य बसंत राव ताटी, ज़िला पंचायत सदस्य सोमारु राम कश्यप, ज़िला पंचायत सदस्य संतकुमारी मंडावी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भैरमगढ़ के अध्यक्ष लच्छु राम मौर्य, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कुटरू के अध्यक्ष शैलेश मंडावी, राजू पल्लो, बलराम कोरसा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण धरना प्रदर्शन में शामिल हुए है।
