माता एवं शिशु के सुपोषण का रखे ख्याल- महात्मा गांधी नरेगा योजना

जिले में 23 गर्भवती महिला श्रमिकों को मातृत्व भत्ता का हुआ भुगतान

बीजापुर- माता एवं शिशु के सुपोषण का रखे ख्याल महात्मा गांधी नरेगा योजना । ऐसा हम इसलिए कह रहे है चूंकि एक ओर जहां जिले के सुदूर व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में महात्मा गांधी नरेगा योजना एवं अन्य मद के अभिसरण से मजबूत व बच्चों को आकर्षित करने वाली मनमोहक रंगबिरंगी आंगनबाड़ियां बनाये जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर इस वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिले में मनरेगा के अंतर्गत कार्यरत् 23 गर्भवती महिलाओं को प्रसूति अवधि के दौरान एक माह की मजदूरी के बराबर राशि अर्थात 5790 रूपये मातृत्व अवकाश भत्ता के रूप में प्रदान किया गया है। मातृत्व भत्ता की राषि पाकर गर्भवती महिलाएं व माताएं काफी खुष हैं।
ग्राम पंचायत धनोरा निवासी पाली तेलम का कहना है कि मुझे तो यह जानकारी ही नहीं थी कि गर्भवती महिलाओं के लिए भी ऐसी कोई योजना है। हमने वित्तीय वर्ष 2020-21 में महात्मा गांधी नरेगा योजना में 100 दिवस से अधिक का रोजगार भी प्राप्त हुआ है। मातृत्व भत्ते के रूप में मुझे कुल 5790 रूपये प्राप्त हुए है। इस राषि का उपयोग मैंने अपने बच्चे के लिए दवाई व पौष्टिक आहार के लिए उपयोग किया। सच में यह योजना गर्भवती महिला श्रमिकों के लिए वरदान है।
जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी रवि साहू ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंण्टी योजना के तहत् कार्यरत् गर्भवती महिला श्रमिकों को प्रसूति अवकाश के रूप में मातृत्व भत्ता प्रदान करने का प्रावधान है। यह राज्य पोषित योजना है, इस योजना का उदेष्य प्रसूति अवधि के दौरान जॉब कार्डधारी महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार तथा स्वस्थ शिशु जन्म के लिए सहायता उपलब्ध कराना है। इससे षिषु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर में सुधार होगा ।

क्या कहती है योजना-आवेदित महिला का नाम मनरेगा के अंतर्गत पंजीकृत परिवार को जारी जॉब कार्ड में अंकित हो। आवेदित महिला या उनके परिवार के सदस्यों द्वारा मनरेगा के अंतर्गत विगत 12 माह में कम से कम 50 दिवस का कार्य किया हो , मातृत्व भत्ता के लिए जीवित शिशु जन्म होने बाबत् अनिवार्यता नहीं होगी ।

सामान्यतः यह भत्ता गर्भधारण के द्वितीय एवं तृतीय तिमाही में देय होगा।

कैसे करें आवेदन-

आवेदिका को संबंधित ग्राम पंचायत में आवेदन जमा करना होगा । आवेदन के साथ गर्भधारण की पुष्टि हेतु निकटस्थ मितानिन द्वारा जारी प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा । सामान्यतः आवेदन गर्भधारण के द्वितीय या तृतीय तिमाही से पूर्व या दौरान दिया जाना होगा , लेकिन यदि किसी ओवदिका द्वारा इस अवधि में आवेदन नहीं दिया गया हो , तो उन्हें मातृत्व भत्ता से वंचित नहीं रखा जाएगा , बशर्त प्रसूति के एक माह के अंदर आवेदन किया हो ।

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