खुलेआम खाद की कालाबाज़ारी को रोकने में विभाग नाक़ाम
छोटे कापसी (राजदीप शर्मा ):- देश की रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाले किसानो पर भले ही पूरी राजनैतिक पार्टिया मुद्दा बनाकर बात करती नज़र आती है पर जब नक्सलप्रभावित क्षेत्र में वास कर रहे किसानो की जमीनी हक़ीक़त सामने आती है तो माज़रा कुछ और ही नज़र आता दिखाई देता है हम बात कर रहे है कांकेर जिले के परलकोट क्षेत्र का जहा लाखो की आबादी में बसा ये किसानो का क्षेत्र पुरे राज्य में खेती किसानी के नाम पर जाना जाता है वही किसानो की हालत अब नक़ली बीज नक़ली खाद और दवाइयों की वजह से बत्तर होती नज़र आ रही है विभाग इस पर अंकुश लगाने नाक़ाम दिखाई दे रही है इस मामले में व्यापारी संघ के अध्यक्ष अशीम पाल द्वारा बताया गया की संगम क्षेत्र में साबित्री कृषि केंद्र द्वारा बिना लाइसेंस द्वारा खुलेआम खाद घर पर गाँव पीवी 123 में रख कर घर घर बेचा जा रहा है विभाग के कर्मचारी एन आर नेताम और मनोज सरकार को दिया गया उनके द्वारा उनके दुकान में जाकर जांच किया गया जबकि घर पर खाद की जानकारी थी घर नहीं गए न कही जानकारी दी गई जब मिडिया द्वारा सवाल किया गया तो मनोज सरकार द्वारा बताया गया की उच्च अधिकारी फ़ोन नहीं उठाते जिस वजह से घर नहीं जा पाए हमें घर पर जांच का अनुमति नहीं है वही व्यापारी संघ से फर्जी गोदाम की जानकारी विभाग को मिलने के बाद कार्यवाही नहीं होना बहुत बड़ा सवाल खड़ा करता है जिसपर किसान संघ के अध्यक्ष ने स्थानीय विभाग के कर्मचारियों पर नाराजगी जताते हुए कहा की विभाग कोई जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहा है जिसका खमियाजा पुरे क्षेत्र के लाखो किसानो को उठाना पड़ रहा है यहाँ बिना बिल का किसान सामग्री बिकता है अबैध गोदामों का पता नहीं विभाग को
वही कृषि विस्तार अधिकारी कोयलीबेड़ा एन.आर नेताम का कहना है की क्षेत्र बड़ा होने की वजह से सभी जगह का जांच संभव नहीं है ऐसे में किसानो के साथ जो ठगी हो रहा है इसका जिम्मेदार कौन है बहुत बड़ा सवाल बन गया आगे संगम क्षेत्र के भाजपा नेता शिवानंद द्वारा बताया गया की ऐसे लोगो पर कार्यवाही होनी चाहिए जो बिना लाइसेन्स के मॉल बेचते है वही व्यापारी संघ के अध्यक्ष द्वारा संगम क्षेत्र के सबिता कृषि केंद्र के नाम पर सिर्फ दुकान है पर लाइसेंस नहीं है अनुमान यहाँ है की बाजार में फर्जी बीज खाद का मामला ऐसे ही फलता फूलता दिखाई दे रहा है
