मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का असर, बालक श्रीकांत ने दी कुपोषण को मात
बीजापुर :– जिले में कुपोषण की समस्या को जड़ से मिटाने जिला प्रशासन के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास विभाग एवं उनके मैदानी अमला सक्रियता से कार्य कर रही है। मुख्य मंत्री सुपोषण अभियान अन्तर्गत कुपोषित बच्चों का विशेष देखभाल कर कुपोषण से बाहर लाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसका सकारात्मक परिणाम मिल रहा है। कुपोषण को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से संचालित की जा रही है। इस अभियान के अन्तर्गत अतिरिक्त पौष्टिक आहार, फोर्टिफाइड मूंगफली, चिक्की, पौष्टिक बिस्कीट अण्डा एवं गर्म भोजन से आंगनबाड़ी केन्द्रों के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। ग्राम पंचायत व सेक्टर रेड्डी के आगनबाड़ी केन्द्र कोटेर डोंगरी पारा अर्न्तगत बालक श्रीकांत किमाचेट को कुपोषित बालक के रूप में चिन्हीत किया गया, बालक का वजन जन्म के समय मात्र 2 किलोग्राम था। जो कि कुपोषित की श्रेणी में आता है। आगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं सेक्टर पर्यवेक्षक द्वारा बीजापुर सुपोषण मिशन से आंगनबाड़ी केन्द्र कोटेर डोगरीपारा से नियमित पौष्टिक आहार, रेडी टू ईट, एवं गरम भोजन से लाभान्वित किया गया। साथ ही बच्चे को पोषण पुर्नवास केन्द्र में भर्ती कराया गया, कार्यकर्ता द्वारा घर जाकर नियमित रूप से प्रत्येक 15 दिवस में बच्चे का वजन लिया गया एवं बच्चे के माता को भी समझाईश दिया गया की बच्चे को प्रति दो घंटे के अंतराल में कुछ न कुछ खिलाते रहे। बच्चे को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केन्द्र से लाभान्वित किया गया जिसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिला, बच्चे के वजन में बढ़ोतरी हुई अभी बालक श्रीकांत का वजन 10 किलो 300 ग्राम है एवं पूरी तरह से कुपोषण से मुक्त हो चुका है।
