केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना पर भी भ्रस्टाचार हावी, विभाग कर रहा नजर अंदाज
राजदीप शर्मा
छोटे कापसी। केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना पर भी भ्रस्टाचार की बानगी देखने को मिल रही हैं, केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना के तहत निर्माणाधीन पानी टंकी के कार्य घटिया और स्तरहीन सामग्री से कराकर ठेकेदार द्वारा अपनी जेब भरने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं संबंधित विभाग आँखों में पट्टी और कान में रुई डाल कर उक्त भ्रस्टाचार को मौन सहमति प्रदान करता नजर आ रहा है। परलकोट क्षेत्र के ग्राम पंचायत पित्तेभोडिया के आश्रित ग्राम भरतपुर (पीवी 114) में बनाई जा रही पानी टंकी में ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। जिसके चलते ग्रामीणों ने विरोध करते हुए निर्माण कार्य रुकवाने के साथ ही अधिकारियों को कार्य की जांच करवाने एवं ठेकेदार पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
दरअसल ग्राम भरतपुर पीवी 114 में जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में घटिया सामग्री लगाई जा रही है।जिस समय टंकी का निर्माण करवाने के लिए गड्ढा कराया गया। उस वक्त नीचे जमीन में पानी भरा हुआ था वह की मिट्टी भी दलदली है। पानी निकाले बिना ही बेस कांक्रीट ढलाई की गई। अभी पानी भरा हुआ है। सैंकड़ों परिवारों को जलापूर्ति के लिए बनाया गया पानी टंकी बेस ऐसी तरह नहीं होता है। हम लोग भी अपने घर में छोटा मोटा काम कराते हैं। परंतु निर्माण कार्य में जुटी एजेंसी के द्वारा ग्रामीणों की एक नहीं सुनी गई। निर्माण में अनियमितता बरती जा रही है,
गलत जगह का हुआ चयन
ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार अपनी मनमानी कर गलत जगह का चयन पर पानी टंकी निर्माण करवा रहा है ग्रामीणों ने बताया गांव के लोगों ने जिस जगह का चूना था वह जगह पानी टंकी के लिए उपयुक्त थी,उस जगह से गांव भर में पानी हर घर तक आसानी से पहुँच सकता था,परंतु जिस जगह पर अभी ठेकेदार निर्माण करवा रहा है वह जगह गांव से नीचे स्थित है पानी गांव के घर तक पहुचना मुश्किल है।
स्थल से सूचना पटल नही
सूचना बोर्ड (पटल ) नहीं लगाया शासन के योजना को पारदर्शिता लाने के लिए प्रत्येक निर्माण कार्य एजेन्सी मद के अलावा कार्य की स्वीकृति वह अंतिम वर्ष सूचना बोर्ड में सभी जानकारी होती है, ताकि किसी भी लोगों को सूचना बोर्ड से पता चल जाता है, परन्तु ठेकेदार व विभागीय अधिकारी के आपसी मिलीभगत से सूचना बोर्ड को लगाया जाना उचित नहीं समझते है।
विभागीय अधिकारी नही करते निरिक्षण,काम शुभारंभ से आज तक विभागीय अधिकारी,कर्मचारि नही पहुँचे,ग्रामीण नेपाल,अशोक ने बोले अगर विभाग का इंजीनियर आता तो काम सही होता,रविवार को इंजीनियर का असिस्टेंट हेमंत महावीर पहुँच और कहा पानी के अंदर काम क्यों कर रहे हो,पानी को निकालो उसके बाद हम लोग बोलेंगे फिर काम शुरू होगा तब तक के लिए काम बंद रहेगा।इस विषय पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतागढ़ एसडीओ बलराज दरवाड़े से मो.नं 82696 59898 में संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नही किया।
