बड़े कापसी में जिले का पांचवा धान संग्रहण केंद्र का कार्य प्रगति पर,क्षमता ढाई लाख क्विंटल

छोटे कापसी(राजदीप शर्मा) – परलकोट के बड़े कापसी में जिले का पांचवा नया धान संग्रहण केंद का काम शुरू हो गया है संभावना है की आठ से दस दिनों में यहां धान का संग्रहण का कार्य भी शुरू हो जाऐगा। परलकोट क्षेत्र में जिले का सबसे अधिक धान का उत्पादन होता है पर संग्रहण केंद्र न होने से क्षेत्र की सारी धान का परिवहन कर कांकेर के भानुप्रतापुर तथा लखनपुरी संग्रहण केंद्र ले जाया जाता था जिससे हर बर्ष शासन को परिवहन में लाखों खर्च करना पड़ता था। पर नऐ बन रहे संग्रहण केंद्र का स्थानिय परिवहन कतार्ओं को नुकसान उठाना होगा।

परलकोट के कापसी में जिले का पांचवा संग्रहण केंद्र का काम शुरू हो गया है। शासन की ओर से नया संग्रहण केंद्र बनाने के लिए 7.5 एकड़ भूमि राजस्व विभाग की ओर से आवंटित कर दी गई है। इस जगह में साफ सफाई का भी काम शुरू हो गया है। संभावना है की सात से दस दिनों में यह काम पूरा हो जाऐगा जिसके बाद जरूरी कायर्वाही पूरी कर पन्द्रह दिनों में धान रखने का काम भी शुरू हो जाऐगा। इस केंद्र की क्षमता 2 लाख 50 हजार क्विंटल की है जो की क्षेत्र में होने वाली खरीदी के हिसाब से काफी कम है। जिले का सवार्धित धान का उत्पादन परलकोट क्षेत्र में होता है हर वषर् क्षेत्र के 36 धान खरीदी केंद्र के माध्यम से शासन 9 लाख किव्ंटल धान की खरीदी करता है। हर वर्ष पूरी धान का परिवहन जिले के भानुप्रतापुर, कांकेर,गौरगांव,करप तथा लखनपुरी धान संग्रहण केंद में किया जाता था। पर कापसी के पास खुल रहे इस संग्रहण केंद के बाद स्थानिय धान का एक बड़ा हिस्सा इस संग्रहण केंद्र में रखा जाने लगेगा।

कापसी में धान संग्रहण केंद्र खुलने का सबसे अधिक फायदा धान खरीदी कार्य में लगी लैम्पसों को होगा। हर बर्ष धान परिवहन में देरी से सूखती के चलते लैम्पसों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ता था पर अब धान संग्रहण केेंद्र कापसी में खुल जाने के कारण क्षेत्र के धान परिवहन में तेजी आऐगी जिससे स्थानिय लैम्पस समितियों को फायदा होगा। पर परिवहन कार्य में लगे परिवहन कतार्ओं को जरूर इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। यही कारण है की संग्रहण केंद्र खुलने से स्थानिय परिवहन कार्य में लगे ट्क मलिकों को इसका नुकसान उठाना होगा।

परलकोट परिवहन संघ के अध्यक्ष सुब्रत मजुमदार, कोषाअध्यक्ष देवाशीष मंडल ने बताया की परलकोट के ट्क मालिक पहले ही माईंस क्षेत्र में काम नहीं मिलने के चलते परेशान थे। थोड़ा बहुत धान परिवहन में काम मिल जाया करता था अब कापसी में ही धान संग्रहण केंद्र खुल जाने से काम में और कमी आ गई है। क्षेत्र में एक दो राईस मिल ही है एसे में संग्रहण केंद्र से धान का परिवहन तो होगा है पर इसका लाभ स्थानिय परिवहन कर्ताओं को नहीं मिलेगा। जिला विपरण अधिकारी कांकेर चन्द्रप्रकाश सिंह ने बताया की कापसी स्थित संग्रहण केंद्र की क्षमता 2.50 लाख क्विंटल की होगी। आठ से दस दिनों में काम पूरा कर लिया जाऐगा 15 दिनों के भीतर संग्रहण कार्य शुरू होने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *