मामले को रफ़ा दफ़ा करने के लिये बीईओ, बीआरसी और अधीक्षक ने मृतक छात्र के परिवार वालों को 45000 रुपये देने की पेशकस की, 5000 रुपए एडवांस भी दिए- विक्रम मंडावी
बीजापुर :- गुरुवार को जिला मुख्यालय बीजापुर में बीजापुर के विधायक और कांग्रेस नेता विक्रम मंडावी से एक प्रेस वार्ता आयोजित कर कहा कि उसूर ब्लॉक के जिन्निप्पा गांव का रहने वाला नीतीश ध्रुवा पोर्टा केबिन दुगाईगुड़ा में कक्षा तीसरी में अध्ययनरत था और उसकी परीक्षा 1 अप्रैल से शुरू होनी थी, इस बीच दिनांक 29/03/2025 शनिवार को पोर्टा केबिन दुगाईगुड़ा से गोपाल कोरसा के फ़ोन से नीतीश ध्रुवा की माँ के पास नीतीश की तबीयत खराब होने के संबंध में फ़ोन आया, जिसके आधार पर नीतीश की माँ पोर्टा केबिन डुगाईगुड़ा पहुँच कर अपने बच्चे से मिली उस वक्त बच्चा कपड़े भी नहीं पहना था और बिस्तर में पड़ा हुआ था, वहाँ के कर्मचारियों ने बच्चे को घर ले जाने के लिये दबाव बना रहे थे ये जानते हुए भी कि नीतीश ध्रुवा की परीक्षाएं दिनांक 01/04/2025 से शुरू होंगी बावजूद इसके पोर्टा केबिन के कर्मचारियों ने बच्चे को पोर्टा केबिन से ले जाने के लिए दबाव पूर्वक कह रहे थे। फिर नीतीश की माँ रतनी ध्रुवा ने दिनांक 29/03/2025 को अपने पुत्र को वापस घर ले आई उसके बाद बच्चे का तबीयत और ज़्यादा बिगड़ने लगा बच्चे को कहीं और ले जाने की स्तिथि नहीं थी, अंततः दिनांक 31/03/2024 की शाम 6 बजे नीतीश ध्रुवा की दुखद मृत्यु हो गई। परिवार वालों ने पोर्टा केबिन में रहने के दौरान बच्चे के स्वास्थ्य होने की बात को झूठा और निराधार बताया और कहा कि बच्चा पोर्टा केबिन दुगाईगुड़ा में रहने के दौरान ही बीमार हुआ था।
इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिये प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम के नेतृत्व में पाँच सदस्यीय जाँच दल गठित किया जिसमें सदस्य ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुकलू पुनेम, जनपद सदस्य मनोज अवलम, अनीता तेलम और श्रीमती सरस्वती वासम आदि शामिल थे। पाँच सदस्यीय जांच दल ने दिनांक 02/04/2025 को मृतक छात्र के गृह ग्राम जिन्निप्पा, दुगाईगुड़ा पोर्टा केबिन का दौरा कर मृतक के परिजनों के बयान लिए, पोर्टा केबिन के अधीक्षक समेत अन्य कर्मचारियों और मृतक नीतीश ध्रुवा के दोस्तों से भी बात जानकारी इकट्ठा किये जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आये हैं। जो बीजापुर जिले में हो रहे भ्रष्टाचार और अधिकारियों की लफ़रवाही को स्पष्ट रूप से उजागर करता है। जिनकी उच्चस्तरीय जांच होनी अति आवश्यक है-
1. परीक्षाओं के समय एक छात्र पोर्टा केबिन में बीमार पड़ा हुआ है और इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी पोर्टा केबिन के अधीक्षक को ही पता नहीं, जाँच दल को पोर्टा केबिन के अधीक्षक बोड़के भास्कर स्वयं बताते है कि छात्र के मौत की जानकारी उन्हें फ़ोन पर 01/0/4/2025 को मिली है।
2. मृतक छात्र की मौत के बाद परिजन अंतिम संस्कार करने की तैयारी में जुटे हुए थे और दूसरी तरफ़ शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने एक फर्जी पंचनामा बनाया जिसमें मृतक छात्र के परिजनों से जबरन हस्ताक्षर कराए गए इस संबंध में गांव में कोई बैठक भी नहीं हुई है।
3. मामले को रफा दफ़ा करने के लिए शिक्षा विभाग के बीईओ, बीआरसी और अधीक्षक ने मृतक छात्र के परिजनों को 45000/- (पैंतालीस हज़ार रुपए) देने की पेशकस किए और 5000/- (पाँच हज़ार रुपये) अग्रिम भुगतान किए शेष 40000/- (चालीस हज़ार रुपये) साथ ही कुछ अन्य समान बाद में देने की बात हुई है।
4. परिजनों ने कहा कि पोर्टा केबिन में रहने के दौरान छात्र की तबीयत खराब नहीं थी यहा बात पूरी तरह झूठा और निराधार है। बच्चा बीमार था और बिस्तर में ही पड़ा था उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बीजापुर के विधायक और कांग्रेस नेता विक्रम मंडावी ने प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि “अब आदिवासी बहुल क्षेत्र बीजापुर में यह स्तिथि हो गई है कि छात्र के मौत के बाद मामले को रफा दफ़ा करने के लिये शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा पीड़ित परिवार को रुपयों की पेशकस की जा रही है इससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि हम किस तरह के समाज का निर्माण कर रहे हैं।”
कांग्रेस नेता और विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेस वार्ता में आगे कहा कि प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार बनी है तब से लगातार बीजापुर जिले के आश्रमों, पोर्टा केबिनों और छात्रावासों में पढ़ने वाले आदिवासी छात्र छात्राओं की कोई सुरक्षा नहीं है आए दिन स्कूल छात्रावासों में कोई न कोई घटना घटित होती है और इन घटनाओं में छात्रों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है लेकिन आज पर्यन्त तक किसी जिम्मेदार पर कार्यवाही नहीं होना इस बात का प्रमाण है कि भाजपा सरकार में छात्रों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। इसलिए शासन प्रशासन से मांग है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर सख़्त कार्यवाही की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। कार्यवाही नहीं होने पर आने वाले दिनों में ऐसी घटनाओं को रोकने और दोषियों पर कार्यवाही करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व जिल पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे,कमलेश कारम , मनोज अवलम , सुखदेव नॉग , जितेन्द्र हेमला , बेनहुर रावतिया , सरस्वती वासम ,शम्मा सहित कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
