।। शिक्षा दान महादान।।-शास्त्रों में चार प्रकार के दान कहा गया है- औषधि – शास्त्र -अभय एवं आहार दान।

कवर्धा,,,औषधी दान किसी रोगी को उपचार हेतु सहायता करना, शास्त्र दान किसी को शिक्षा प्राप्त करने हेतु सहयोग करना दान करना, अभयदान यदि कोई व्यक्ति किसी कारण से कोई व्यक्ति उसे सता रहा है या वह व्यक्ति किसी से भयभीत उसे बचाना- अभय दान, यदि कोई व्यक्ति भूखा है तो उसे भोजन करना आहार दान कहलाता।
शिक्षा दान के क्षेत्र में शासकीय विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा या कम शुल्क देकर देने की व्यवस्था है परंतु वहां पर जो व्यवस्था होनी चाहिए वह पर्याप्त नहीं है वर्तमान समय में निजी विद्यालयों की संख्या काफी अधिक है।
निजी विद्यालयों में शुल्क अधिक लिया जाता है जिससे निम्न अथवा मध्यम आय वर्ग के पलकों के द्वारा अपने बच्चों को वहां प्रवेश दिलाने में आर्थिक कठिनाई होती है। शासन द्वारा शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत भी बहुत से बच्चे अच्छी शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।
कवर्धा नगर में एक निजी संस्था द्वारा संचालित महाराणा प्रताप स्कूल में कक्षा 1 से लेकर दसवीं तक की शिक्षा दी जाती है जहां पर निम्न वर्ग के एवं प्रतिभाशाली छात्रों को संचालक द्वारा शिक्षा सत्र 2025- 2026 में प्रत्येक कक्षा में 20-20 छात्रों को बहुत ही नाम मात्र शुल्क में प्रवेश दिया जाएगा साथ ही साथ जब तक वे बच्चे उसी शाला में पढ़ते हैंउन बच्चों का एक एक लाख रुपए का बीमा किया जावेगा जिसका प्रीमियम शाला के द्वारा पटाया जाएगा। उन बच्चों के पालकों का भी स्वास्थ्य बीमा संस्था केसंचालक के द्वारा पटाया जाएगा।
यदि कोई पालक अपने दो बच्चों को इसी शाला में प्रवेश दिलाते हैं तो उन्हें विशेष आर्थिक सहायता दी जावेगी। यदि कोई व्यक्ति उक्त शाला में दो छात्रों को प्रवेश दिलाने हेतु किसी पालक को प्रेरित करते हैं तो प्रेरक को भी सम्मानित कर आर्थिक सहायता दी जावेगी।
अन्य जानकारी के लिए संस्था के संचालक श्री अजय गुप्ता से अथवा शाला के प्राचार्य से संपर्क कर सकते हैं।

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