वन विभाग की जमीन पर बड़े पैमाने पर भूमाफिया कर रहे अवैध कब्जा

छोटे कापसी । वन विभाग की जमीन पर वन माफिया द्वारा अनाधिकृत रूप से जंगल की कटाई कर उस पर धीरे-धीरे अतिक्रमण कर अब खेती बनाने मे लगे है। लेकिन इस तरफ वन विभाग का कोई ध्यान नहीं है। तभी तो हम बात कर रहे हैं वन पारिक्षेत्र पश्चिम परलकोट बांदे क्षेत्र की अंतर्गत आने वाले चिड़ीपारा की जहां पर भू-माफियों द्वारा अनाधिकृत रूप से जंगल के सेकड़ो इमारती पेड़ की कटाई कर आग लगा कर सबूत मिटाने का काम किया जा रहा। वही फॉरेस्ट विभाग कुंभकरण निद्रा में भूमिया के द्वारा अब उसमें खेती बनाने का काम किया जा रही है। ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया की बांदे निवासी पंकज शील के द्वारा लगभग वर्ष 2020 में 5 एकड़ जमीन खरीदी थी अब वह जमीन लगभग 10 एकड़ हो गई है करण उनके खेत के बगल में फॉरेस्ट का प्लांटेशन एरिया है जिस एरिया को धीरे-धीरे कर अपने जेसीबी से पीछे की ओर से हरे-भरे दर्जनों पेड़ों को काटकर अवैध अतिक्रमण कर खेत बनाने का काम किया जा रहा है साथ ही फॉरेस्ट के प्लांटेशन में लगे तार फेंसिंग पोल को अपने जेसीबी से तोड़कर अतिक्रमण किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने यह भी कहा की समय-समय पर वन विभाग कार्रवाई तो कर रहा है लेकिन कार्रवाई सिर्फ नाम के लिए होती है तभी तो दिन-प्रतिदिन जंगल की कटाई कर वन माफिया द्वारा यहां कब्जा किया जा रहा है। वन विभाग की कार्रवाई का भी वन माफिया पर कोई खास असर नजर नहीं आ रहा है, जिसके चलते ही जंगल की अधिक वन भूमि को खेती योग्य बनाकर उस पर आराम से खेती करने में लगे है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर इस विषय पर कार्रवाई नहीं होती है तो वह इसकी शिकायत कलेक्टर महोदय एवं वन विभाग के उच्च अधिकारियों से करेंगे।

इस संबंध पर पंकज शील ने बताया की मेरे द्वारा एक भी हरे पेड़ नही कटवा है मेरे पट्टे की जमीन है मेरे द्वारा किसी भी प्रकार का अवेध अतिक्रमण नहीं किया जा रहा है।

इस संबंध पर पश्चिम परलकोट (बांदे) रेंजर त्रिमूर्ति बघेल ने बतलाया की मामला अभी-अभी संज्ञान में आया है। मामले की जांच के लिए वन विभाग की एक टीम मौके पर भेजी जा रही है। यदि मौके पर अवैध पेड़ों की कटाई पाया गया तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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