सड़कें बनीं गोशाला, आदेश बने मज़ाक और प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा खतरा
भोपालपटनम। नगर की सड़कों पर आवारा मवेशियों का आतंक दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। हाल ही में भोपालपटनम नगर पंचायत ने माइक से सार्वजनिक मुनादी कराई थी कि सड़क पर मवेशी दिखे तो होगी कड़ी कार्रवाई! परंतु यह आदेश भी अन्य औपचारिकताओं की तरह केवल घोषणा बनकर रह गया है।
हकीकत यह है कि नेशनल हाईवे सहित पूरे नगर की सड़कें आज गोशाला में तब्दील हो चुकी हैं। मवेशी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे रोजाना हादसे हो रहे हैं। आम नागरिक घायल हो रहे हैं, वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, और दुर्भाग्यवश मवेशियों की जानें भी जा रही हैं। सड़कों पर मवेशियों की भरमार रहती है। हर मोड़ पर गाय, नंदी और बछड़े सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। यहां हर दिन हादसे हो रहे हैं, स्कूली बच्चे, बुज़ुर्ग और बाइक सवार सबसे अधिक प्रभावित हैंñ शासन की लापरवाही जानवरों के लिए भी जानलेवा साबित हो रही।सिर्फ आम नागरिकों पर सख्ती हो रही है प्रशासनिक चूक पर कोई जवाबदेही नहीं है। अब जनता पूछ रही है कि क्या नगर पंचायत की जिम्मेदारी सिर्फ माइक से चेतावनी देना है? अगर आम नागरिक की गलती पर चालान हो सकता है, तो प्रशासन की लापरवाही पर कौन जवाबदेह? क्या मुनादी सिर्फ दिखावा थी? जरूरत है ज़मीनी कार्रवाई की, नहीं तो जनता का विश्वास टूटेगा।
अब समय आ गया है कि सिर्फ घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस कदमों से हालात बदले जाएं। जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो, और नगर को सुरक्षित बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास हों।सिर्फ माइक से कानून नहीं चलता।
