दुर्घटना को आमंत्रित कर रहा आंगनबाड़ी केंद्र, वल्लभनगर आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति जर्जर

छोटे कापसी (राजदीप शर्मा)- महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों एवं महिलाओं में कुपोषण दूर करने के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है। परंतु ये आंगनबाड़ी केन्द्र ग्रामीण अंचलों में बदहाली का शिकार होते जा रहे है। कहीं भवन जर्जर है तो कहीं और कुछ समस्या है। जिसके चलते ज्यादातर केन्द्रों में बच्चों की दर्ज संख्या में निरंतर गिरावट आती दिखाई दे रही है।

ग्राम पंचायत छोटे कापसी का अश्रित ग्राम बल्लभनगर पी.व्ही 56 गांव के आंगनबाड़ी केन्द्र भवन काफी जर्जर हालत में हैं। यहां के भवनों में बड़े -बड़े दरार स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं, साथ ही छत के प्लास्टर भी उखड़ने लगे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है इसकी जानकारी ब्लॉक के समस्त उच्च अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत को कई बार दी गई इसके बावजूद इस ओर ध्यान देने की किसीको फुर्सत नही है । कोरोना के चलते अभी बच्चे नही आ रहे है। उनका पोष्टिक भोजन घर पहुँचा रही हूँ। भवन की जर्जर स्थिति के चलते किसी अनहोनी की आशंका हमेशा बनी रहती है। इस वजह से भी यहां बच्चों को फाफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नीचे की फर्स एवं ऊपर की छत का प्लास्टर उखाड़ कर गिरने लगे है। जगह नही होने के चलते रसोई घर में बच्चों को बैठाने पर मजबूर हूं।

ग्रामीणों ने ग्राम पी.व्ही 56 बल्लभनगर में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र के बारे में कहा कि हम लोग कई बार सरपंच, सचिव को बता चुके है। पर सिर्फ अस्वासन ही मिलता है। इसी वजह से अब हम सभी मीडिया का सहारा लेना चाहा, ताकि खबर के माध्यम से उच्च अधिकारियों को भी इनकी जानकारी हो कि गांव में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र की हालत कैसी है। इसको लेकर गांव के लोगों में ग्राम पंचायत के प्रति खासा आक्रोश व्याप्त है। बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि यहां छत का प्रति दिन प्लास्टर टूटने की घटना से कभी भी बड़ा हादसा घटित हो सकता है। पर लगता है कि उच्च अधिकारियों को किसी बड़ी अनहोनी (बड़े हादसे) का इंतजार है।

इस विषय पर महिला बाल विकास विभाग ब्लॉक कोयलीबेड़ा के अधिकारी पुष्पलता नायक ने बतलाया कि भवन जर्जर होने की जानकारी मुझे मिली है। इस विषय को उच्च अधिकारियों को अवगत करते हुए,वैकल्पिक व्यवस्था के लिए अतरिक्त एक किचन भवन में आंगनबाड़ी को संचालित करने कहा गया। इस विषय पर जंप कोयलीबेड़ा के सीईओ आशीष डे ने बताया कि अभी बहुत से नए आंगनबाड़ी केन्द्र की स्वीकृति प्रदान हुई है,सूची देखने के बाद ही बता पाऊँगा की पी व्ही 56 का भवन लिस्ट में है कि नही अगर नही होगा तो फिर से स्टीमेट बना कर भेजा जाएगा।

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