कहीं देखी है ऎसी अंतर राज्यीय सड़क?

अर्जुन झा-
बकावंड। कहने को तो यह एक इंटर स्टेट रोड है, मगर सरपंच और सचिव की लापरवाही ने किसी सुदूर और पहुंचविहीन गांव की बदहाल सड़क जैसी इसकी हालत कर डाली है। ग्राम पंचायत न तो सड़क को बनवा रही है और न ही निकास नाली का निर्माण करा पा रही है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
जी हां! हैरान मत होइए, यह एक अंतर राज्यीय सड़क है। सरकारी रिकॉर्ड में भले ही इस सड़क को अंतर राज्यीय मार्ग का दर्जा न मिला हो, मगर है तो यह इंटर स्टेट रोड ही। क्योंकि यह सड़क छत्तीसगढ़ और ओड़िशा राज्यों के बीच सेतु का काम करती है। यह मार्ग स्थित है बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायत नलपावंड के पीठापुर में। बकावंड विकासखंड के दर्जनों गांव ओड़िशा राज्य की सीमा के बिल्कुल करीब में स्थित हैं। नलपावंड भी इन्हीं गांवों में शुमार है। यहां की एक सड़क ओड़िशा राज्य से बकावंड का संपर्क बनाती है। ओड़िशा और बस्तर के ग्रामीण इसी मार्ग से आना जाना करते हैं। ओड़िशा के सीमावर्ती गांवों और बकावंड क्षेत्र के गांवों के ग्रामीणों के बीच रोटी बेटी का रिश्ता भी है, लिहाजा यह सड़क बहु रिश्ते जोड़ने वाला सेतु भी है। सड़क का कच्चा निर्माण हुआ है।. केवल मुरुम की परत बिछा दी गई है। सड़क किनारे निकासी नाली का निर्माण भी नहीं कराया गया है। सड़क का 70 मीटर हिस्सा बहुत ज्यादा खराब हो चुका है। इसकी मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। न तो सड़क को सीसी रोड में तब्दील किया जा रहा है और न ही उसका डामरीकरण कराया जा रहा है। गांव के वीरेंद्र, कृष्ण भुवने, आयतु, नीलांबर, बलराम, जयति, सोमारी, बुदारी, बलिराम, योगराज, अनिल, प्रीति आदि ने बताया कि सरपंच और सचिव द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने के कारण सड़क की स्थिति जर्जर हो गई है। करीब 100 मीटर दूर तक की सड़क जो आगे चलकर उड़ीसा से मिलती है प्रमुख मार्ग है जिससे होकर रोज हजारों लोग यात्रा करते है। खराब सड़क होने से ग्रामीण के साथ साथ आम राहगीर भी बहुत परेशान हैं। सचिव संजू ने बताया कि बिना सरपंच की सहमति के सड़क निर्माण संभव नहीं है। इसलिए वे इस कार्य हेतु इस्टीमेट नहीं बना पा रही है। वहीं सरपंच नीलावाती ने बताया कि वह अपने सचिव से पूछ कर उक्त कार्य को पूरा करेगी।

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