डाककर्मी द्वारा सुकन्या समृद्धि योजना में पैसे जमा करने के नाम पर गबन करना चिंताजनक :- नीना रावतिया उद्दे
बीजापुर -: ज़िला मुख्यालय से महज़ दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत संतोषपुर के ग्रामीणों ने वर्ष 2019-20 से वर्ष 2025-26 के मध्य लगातार सुकन्या समृद्धि योजना में अपने बच्चों के नाम पर अपने कमाई व खेती-किसानी से बचाकर हर महीने लगभग एक हज़ार रुपये से लेकर पाँच हज़ार रुपये तक की धनराशि डाक घर बीजापुर की महिला कर्मचारी कुमारी दिव्या कवर के पास जमा करते थे ताकि वे उन पैसों से अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और उनके शादी में मदद मिल सकें लेकिन डाक घर बीजापुर की कर्मचारी कुमारी दिव्या काँवर उनके पैसों को उनके खाते में जमा न कर स्वयं के पास रखती थी यह सिलसिला सालों तक चलता रहा इधर ग्रामीण भी सोचते थे कि हमारा पैसा खाते में जमा हो रहा है लेकिन जब ग्रामीण डाक कर्मचारी दिव्या काँवर से उनके पासबुक माँगे तो वे उन्हें इंट्री कर देती हूँ कह कर टाल-मटोल जवाब देने लगी कई दिनों तक ये सिलसिला चलता रहा और ग्रामीण महिलाओं ने अपने खाते की जानकारी लेने बीजापुर डाक घर आए तो पता चला कि उनके खाते में पैसे जमा ही नहीं है ! ऐसे में उन्होंने डाक घर बीजापुर के प्रमुख से संपर्क कर आपबीती सुनाई तो उन्होंने ग्रामीणों को उच्च अधिकारियों से शिकायत नहीं करने का हवाला देते हुए ग्रामीणों के पैसे वापस दिलाने की बात कही और इसी बीच महिला डाक कर्मचारी दिव्या कांवर का तबादला अन्य जिले में हो गया उसके बाद से आज तक दिव्या काँवर से कोई संपर्क नही हो पा रहा है जिससे आक्रोशित ग्रामीण क्षेत्र की ज़िला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे से न्याय दिलाने की गुहार लगाई इस पूरे मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेकर नीना रावतिया उद्दे ने आज ज़िले के कलेक्टर संबित मिश्रा से मुलाक़ात कर समस्या से अवगत कराया और जल्द से जल्द समाधान करने की माँग की । और ज्ञापन पश्चात उपस्थित पत्रकारो को ज़िला पंचायत सदस्य नीना ने बताया कि यह एक गंभीर विषय है जो माता – पिता अपने बच्चों के भविष्य के लिए अपने कमाई का पाई पाई जमा कर बचत में से कुछ रुपये बैंक खाते या डाक विभाग में जमा करते है अब वो भी सुरक्षित नहीं तो ग्रामीण कान्हा जाएँगे । केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक सुकन्या समृद्धि योजना में भी डाका डालने लगे आम जनता कान्हा सुरक्षित है
इस अवसर पर ग्राम पंचायत संतोषपुर के संगीता छपराला, शर्मिला नागुल, रामी पुल्ला, अनीता कुड़मूल, सुशीला पारीक, सुमित्रा कुड़मूल, कमला पल्ला, सुशीला नागुल, चंद्रकला कुड़मूल, सोमाली आलमा, रमेश पुल्ला सहित बड़ी संख्या में महिलाए और ग्रामीण मौजूद रहे ।
