बीजापुर जिला चिकित्सालय में जटिल ऑपरेशन सफल: प्रशासन और अस्पताल के संयुक्त प्रयासों की अनूठी मिसाल

बीजापुर :- बीजापुर जिला चिकित्सालय में चिकित्सा क्षेत्र की एक और उल्लेखनीय सफलता देखने को मिली जब दोयराम वाचम, जो पिछले 15 दिनों से तेज पेट दर्द, उल्टी और बुखार जैसी गंभीर समस्याओं से पीड़ित थे, का सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर उन्हें नया जीवन प्रदान किया गया।

इस चिकित्सा सफलता के पीछे जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन के सशक्त सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मरीज की जांच के बाद पता चला कि उनकी पित्त की थैली में सूजन, संक्रमण और गॉलब्लैडर स्टोन (पित्त की थैली में पथरी) है, जिससे तत्काल ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ी। इस जटिल प्रक्रिया में जिला प्रशासन का सक्रिय योगदान सुनिश्चित किया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. आर. पुजारी और सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के निर्देशन में चिकित्सकों की विशेषज्ञ टीम गठित की गई। इस टीम में डॉ. रवि मढरिया और डॉ. विजयलक्ष्मी कोसमा ने लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी (छोटे चीरे द्वारा पित्त की थैली का ऑपरेशन) सफलतापूर्वक अंजाम दिया, जिसमें गॉलब्लैडर स्टोन को भी सफलतापूर्वक हटाया गया। निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. सुधाकर पी. ने ऑपरेशन के दौरान आवश्यक देखरेख प्रदान की।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में जिला प्रशासन का मार्गदर्शन विशेष रूप से सराहनीय रहा। कलेक्टर संबित मिश्रा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता चौबे के सतत निर्देशन में न केवल चिकित्सकीय टीम को आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई बल्कि समय-समय पर तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग भी प्रदान किया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. आर. पुजारी ने कहा, “यह सफलता जिला प्रशासन और मेडिकल टीम के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। प्रशासन की तत्परता और सहयोग के बिना इस स्तर की स्वास्थ्य सेवा संभव नहीं थी।”

यह सफलता बीजापुर जिला चिकित्सालय की उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ जिला प्रशासन की समर्पित प्रतिबद्धता को भी उजागर करती है, जो स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

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