धोखाधड़ी के शिकार आदिवासी किसानों को विधायक अनिला भेड़िया ने दिलाई राहत, हुई एफआईआर

दल्ली राजहरा। खुद को नाबार्ड के अधिकारी बताकर कुछ जालसाजों ने बालोद और मानपुर, मोहला, चौकी जिलों के सैकड़ों गरीब आदिवासी कृषकों के नाम पर विभिन्न बैंकों से लाखों रुपय का पहले लोन पास करवाया और फिर कृषकों के बैंक खातो से फर्जी तरीके से पूरी राशि निकाल ली। यह राशि करोड़ों में है। गरीब आदिवासी कृषकों से ठगी करने वाले जालसाजों पर छत्तीसगढ़ की वरिष्ठ आदिवासी नेत्री व डौंडीलोहारा व की विधायक व पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया की पहल पर बालोद जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री व विधायक प्रतिनिधि रतिराम कोसमा के सहयोग से पुलिस में एफआईआर हो गई है।
रतिराम कोसमा ने जालसाजी के शिकार आदिवासी कृषकों को थाना राजहरा ले जाकर उनके बयान दर्ज करवाए। जिसके बाद थाना राजहरा में ठगी जैसे गंभीर अपराध में जालसाजी करने वालों पर विभिन्न गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।

22 सितंबर को दोपहर 12 बजे 25-30 की संख्या में दल्ली राजहरा ब्लाक कांग्रेस कमेटी कार्यालय में पहुंचे गरीब आदिवासी ग्रामीण कृषकों ने विधायक प्रतिनिधि रतिराम कोसमा को अपने साथ घटित घटना के संबंध में जानकारी दी। पीड़ितों ने बताया कि इसी वर्ष जनवरी-फरवरी में कुछ लोग उनके गांव पहुंचकर स्वयं को नाबार्ड का अधिकारी बताते हुए उन्हें सोलर प्लेट, बोर, फेन्सिंग, ट्रेक्टर के लिए कम ब्याज दर पर व लोन और 80 से 90 प्रतिशत सब्सिडी दिलाने का लालच देकर उनके खेतों के पट्टे व आधार कार्ड ले लिए, अलग-अलग बैंको में लोन फार्म भरवाए थे। उसके बाद उनके खातों में आई 5 लाख से लेकर 10-12 लाख रुपए की राशि किसानों की जानकारी के बगैर आहरण कर ली गई। इस संबंध में जब उन्हे पता चला तो उन्होंने तथाकथित नाबार्ड के फर्जी अधिकारियों से संपर्क किया तो जालसाज गुमराह करते रहे और फिर बाद में अपना फोन बंद कर दिया। आदिवासी कृषकों ने बताया की जब उन्हें अहसास हुआ की उनके साथ ठगी की गई है तब उन्होंने बालोद जिला पुलिस अधिक्षक को लिखित शिकायत आवेदन देकर दोषीयो पर सख्त कार्रवाई करने व राशि वापस दिलाने का निवेदन किया था। पुलिस की कार्रवाई में देरी होती देख ठगी के शिकार कृषकों ने छत्तीसगढ़ की वरिष्ठ आदिवासी नेत्री, डौंडी लोहारा क विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया से उनके लोहारा स्थित निवास में मुलाकात कर अपने साथ हुए जालसाजी की घटना की जानकारी उन्हें दी। श्रीमती भेड़िया ने इस घटना पर संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल बालोद कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से फोन पर चर्चा की और दोषियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर उन्हे गिरफ्तार करने व गरीब आदिवासी ग्रामीण कृषकों को न्याय दिलाने हेतु कहा। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक के आदेश पर थाना राजहरा में जालसाजों पर दो एफआईआर शून्य में दर्ज कर थाना लोहारा और एक एफआईआर शून्य में दर्ज कर थाना बालोद भेजी गई है। थाना राजहरा में दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक जालसाजी के शिकार गरीब ग्रामीण आदिवासी कृषकों के बयान और एफआईआर दर्ज होते तक विधायक प्रतिनिधि रतिराम कोसमा थाना राजहरा में ही डटे रहे। एफआईआर दर्ज होने के बाद जालसाजी के शिकार कृषकों ने विधायक अनिला भेड़िया का उनकी संवेदनशील पहल के लिए और रतिराम कोसमा का उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

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