मीना बाजार संचालन के गाेरखधंधे में बस्तर के गरीब जनता से करोड़ों के लूट के कितने हिस्सेदार? – उमाशंकर शुक्लाा

जगदलपुर । बस्तर जिला मुख्यालय में बस्तर दशहरा के पावन अवसर पर राजमहल के मैदान में स्थापित मीना बाजार में प्रवेश के नाम पर प्रति व्यक्ति 30 रूपये वसूले जा रहे हैं, लेकिन प्रवेश टिकट में राशि का उल्लेख नही कर बस्तर के गरीब जनता से करोड़ों के लूट का खुला खेल चल रहा है। इस मामले पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त महासचिव उमाशंकर शुक्ला ने कहा कि इस करोड़ों के लूट में राज परिवार से लेकर शासन-प्रशासन और स्थानीय
जनप्रतिनिधियाें सभी की बाकायदा हिस्सेदारी को नकारा नही जा सकता है। इसे समझने के लिए कोई रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं है, मीना बाजार का संचालक के द्वारा प्रवेश टिकट में राशि का उल्लेख नही कर बस्तर की गरीब जनता से करोड़ों की उगाही में लगे हुए हैं, और पुलिस से लेकर पूरा प्रशासन एवं स्थानिय जनप्रतिनिध माैन साधकर बकायदा मीना बाजार के संरक्षण में लगे हुए हैं। स्वाभाविक है कि मीना बाजार के प्रवेश टिकट में राशि का उल्लेख
नही करने पर मीना बाजार के संचालक काे शासन-प्रशासन को एक रुपए का भी टैक्स के रूप में कुछ भी भुगतान करने की आवश्यकता ही नही है । बावजूद इसके मीना बाजार का संचालन बकायदा पुलिस के संरक्षण में जारी है।

उमाशंकर शुक्ल ने कहा कि एक अनुमान के अनुसार बस्तर दशहरा के दाैरान बस्तर संभाग से यहां पंहुचे बस्तर के गरीब जनता न्यूनतम 5 लाख लाेग मीना बाजार में प्रवेश करेंगे, जिसमें लगभग डेढ़ कराेड़ रूपये की उगाही प्रवेश टिकट में राशि का उल्लेख नही कर कर ली जावेगी। जिसका काेई लेखा जाेखा उपलब्ध ही नही है। इसके अतिरिक्त गेट इंट्री एक व्यक्ति का 30 रुपये है उसके बाद गाड़ी पार्किंग
का बाइक 30 रुपये कार 50 रुपये एवं झुला 80-100 रूपये के माध्यम से भी लगभग डेढ़ कराेड़ रूपये की उगाही करने का अनुमान लगाया गया है। जिस पर मीना बाजार संचालक काे न काेई जीएसटी देय हाेगा और नही निगम या प्रशासन काे किसी भी प्रकार का टेक्स अदा करने की जरूरत है। क्याे कि मीना बाजार संचालक ने इसकी पर्ची पर भी राशि अंकित नही कर मीना बाजार संचालित किया जा रहा है। यह गोरख धंधा बगैर प्रशासनिक एवं राजनीतिक संरक्षण के संभव नहीं है, प्रश्न यह उठता है कि बस्तर के गरीब जनता से लूट कर इस करोड़ के गोरख धंधे में शासन-प्रशासन से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि कितने हिस्सेदारी है, जिनके द्वारा नवरात्र पर मौन साधना की गई है।

इस संबंध में नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा ने बताया कि मीना बाजार संचालन के लिए निगम से किसी प्रकार की कोई अनुमति या एनओसी जारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि पूर्व से चली आ रही परंपरा अनुसार कलेक्टर से अनुमति जारी की गई है। जारी करने वाले डिप्टी कलेक्टर से संपर्क किया गया तो उनके द्वारा किसी प्रकार कोई जवाब नहीं मिला।

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