बड़े देवड़ा पंचायत में 15वें वित्त की राशि से सजा भ्रष्टाचार का बाजार

बकावंड। जनपद पंचायत बकावंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़े देवड़ा में विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामवासियों ने आरोप लगाया है कि पंचायत के पूर्व सरपंच और पंचायत सचिव ने मिलीभगत कर 15वें वित्त आयोग मद से स्वीकृत 1 लाख 50 हजार रुपए में से 1 लाख 47 हजार 800 रुपए का गबन कर लिया है। यह राशि गांव में बाजार कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए स्वीकृत की गई थी, लेकिन आज तक न तो कॉम्पलेक्स का कोई निर्माण हुआ और न ही धन का कोई सार्वजनिक लेखा-जोखा उपलब्ध कराया गया है।

ग्रामीणों के अनुसार सरकारी दस्तावेजों में राशि खर्च होना दिखाया गया है, जबकि मौके पर एक भी ईंट तक नहीं रखी गई।ग्रामवासियों ने इस मामले को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे खुला भ्रष्टाचार और किसानों व ग्रामवासियों के साथ धोखाधड़ी बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब विकास के नाम पर आने वाला पैसा ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाए, तो गांव की स्थिति कैसे सुधरेगी?स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ऐसे गोरखधंधों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो गांवों का विकास सिर्फ कागजों तक ही सिमटकर रह जाएगा।

प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि कई बार शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे यह संदेह और गहराता जा रहा है कि कहीं पूरे मामले को दबाने की कोशिश तो नहीं हो रही। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर वित्तीय अनियमितता के मामले में कितनी तत्परता और पारदर्शिता से कार्रवाई करता है। यदि दोषियों को समय रहते दंडित नहीं किया गया, तो यह घटना आने वाले समय में और भी बड़े घोटालों की परतें खोल सकती है।

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