आधी अधूरी व्यवस्था के साथ धान खरीदी शुरू,केंद्र में प्रभारी,हमाली,ऑपरेटर नही,भगवान भरोसे किसान

राजदीप शर्मा
छोटे कापसी। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कोरेनार में इन दिनों किसानों को धान बेचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धान खरीदी सीजन के बीच समिति की व्यवस्थाओं में अचानक किए गए हड़ताल ने सरकार की परेशानी बड़ा दी थी, समिति में नए ऑपरेटरों की नियुक्ति किए जाने के बाद टोकन काटने से लेकर धान की तौल प्रक्रिया तक कई स्तरों पर केंद्रों में अव्यवस्था उत्पन्न हो रही है। केंद्र अब तक सुझारु रूप से खरीदी शुरू नही।

किसान दुलाल बैरागी,धीरेन मंडल,वीरेन डाकुआ ने बताया कि नए ऑपरेटरों को कार्य की समुचित जानकारी नहीं होने के कारण टोकन वितरण की प्रक्रिया में लगातार बाधाएं आ रही हैं। किसानों को सुबह से लाइन में लगकर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, फिर भी समय पर टोकन नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते किसानों में नाराजगी और परेशानी हो रही है।

किसानों अशोक मंडल,विश्वदेव कुंडू,तरुण,दीपक मंडल,तापन पाल,उत्तम दास,विनीत बढ़ाई ने बताया कि सरकार के द्वारा 17 नवंबर से धान खरीदी शरू करने की घोषणा की थी,लेकिन समिति कर्मचारियों की हड़ताल ने पूरी धान खरीदी की व्यवस्था को चरमरा दिया। सरकार के द्वारा शासकीय कर्मचारियों की नियुक्ति कर खरीदी शुरू की,किंतु कोरेनार धान खरीदी केंद्र में खरीदी प्रभारी नदारद है,केंद्र में हमाल और कम्प्यूटर ऑपरेटर नही है,जिसकी वजह से बीते दो दिनों से किसान फड़ में धान बेचने के लिए पहुचे व्यवस्था नही होने की वजह से लैम्पस प्रभारी कोरेनार के मौखिक आदेश पर किसान स्वम धान बोरी में भर कर काटा कर केंद्र में रख रहा है,बीते दो दिनों में लगभग 12 किसानों ने टोकन काट कर धान केंद्र में पहुँचे है।

केंद्र में हमाली नही,किसानों को काटा करना पड़ रहा

खरीदी केंद्र में किसानों के द्वारा लाये धान की चौकीदारी स्वम को करनी पड़ रही,रात को ठंड में फड़ में सोना पड़ा,किसानों ने बताया किसानों की हितैषी वाली सरकार की व्यवस्था ऐसी की खरीदी केंद्र में खरीदी प्रभारी,हमाली और न कम्प्यूटर ऑपरेटर है। ऐसे में हमारी परेशानी सुनने वाला कोई नही। किसानों कहा अगर जल्द ही व्यवस्था नही की तो किसानों अपने धान को सड़क में रख कर चक्काजाम करेगे जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

गिदवारी किसने की किसानों को पता नही

कोरेनार के किसान चंदन साहाने बताया कि मेरा पिछले साल 50.80क्विंटल का धान बेचा था इस वर्ष धान का रकबा कम कर दिया गया जिससे लगभग पांच क्विंटल धान को कम कर दिया गया,हर साल की तरह ही इस वर्ष भी उतनी जगह में धान लगाया गया है जितना पिछले साल लगाया था तो रकबा कम कैसे हुआ समझ नही आ रहा।

अनोतो सेन ने बताया कि मुझे केंद्र प्रभारी सचिव उदय मिस्त्री के द्वारा देख रेख के लिए रखा गया है, किसान लोग अपने आप से काट कर धान दे रहे है,ऑपरेटर आते ही इनको बिक्री पर्ची दे दी जाएगी।

इस संबंध पर लैम्पस कोरेनार प्रभारी प्रबंधक सुभाष विस्वास ने बतलाया कि बीते कल से खरीदी शुरू कर दी गई है,हमाली नही होने की वजह से किसान काटा कर दे रहा है,कल से केंद्र में कम्प्यूटर ऑपरेटर की व्यवस्था की जाएगा।

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