नक्सलवाद को बड़ा झटका: 25 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। “मिशन 2026” के तहत नक्सल उन्मूलन अब निर्णायक चरण में पहुंचता दिख रहा है।
“पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के अंतर्गत दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े 25 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापसी की है। इनमें 12 महिला कैडर भी शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों पर कुल 1.47 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने माओवादी इतिहास की सबसे बड़ी रिकवरी भी की है। कुल 14.06 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की गई है, जिसमें 2.90 करोड़ रुपये नकद और 11.16 करोड़ रुपये मूल्य का 7.20 किलोग्राम सोना शामिल है।
इसके साथ ही एलएमजी, एके-47, एसएलआर, इंसास और .303 राइफल सहित कुल 93 घातक हथियार भी जब्त किए गए हैं, जो नक्सलियों की बड़ी ताकत माने जाते थे।
आत्मसमर्पण करने वालों में 02 शिवाइपीसी 01 डीसीवीएम, 07 बटालियन/कंपनी सदस्य, 04 पीसीसीएम, 06 एसीएम और 05 पार्टी सदस्य शामिल हैं, जो दण्डकारण्य क्षेत्र में सक्रिय थे।
उल्लेखनीय है कि 1 जनवरी 2024 से 31 मार्च 2026 तक बीजापुर जिले में कुल 1003 माओवादी कैडर पुनर्वास की राह अपना चुके हैं। इससे पहले 5.37 करोड़ रुपये की बरामदगी हो चुकी थी। अब तक कुल 19.43 करोड़ रुपये की बरामदगी में 6.63 करोड़ रुपये नकद और 12.80 करोड़ रुपये मूल्य का 8.20 किलोग्राम सोना शामिल है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह सफलता नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है।

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