इंद्रावती नदी पर पुल निर्माण स्थल पर प्रदर्शनकारियों द्वारा काम कर रहे मजदूरों और ग्रामीणों से की गई मारपीट की घटना में हुआ अहम खुलासा

बीजापुर :- जिले के फुंडरी स्थित इंद्रावती नदी पर पुल निर्माण कार्य मे लगे मजदूरों और ग्रामीणों से 26 मार्च को पुल का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों द्वारा मारपीट किया गया था । पुलिस द्वारा जब इस घटना की विवेचना की गई तो घटना से सम्बंधित कई अहम खुलासे पुलिस के हांथ लगे हैं ।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज शुक्ला ने बताया कि घटना में शामिल आरोपियों से पूछताछ तथा जप्त किये गए दस्तावेज से यह स्पष्ट हो रहा है कि प्रतिबंधित सीपीआई माओवादी संघटन के पश्चिम बस्तर डिवीजन अंतर्गत भैरमगढ़ एरिया कमेटी डिव्हीसीएम चन्द्रन्ना, माड़ डिवीजन डिवीसीएम मधु, भैरमगढ़ एरिया मिलिट्री इंटेलिजेंस इंचार्ज मोहन कड़ती, भैरमगढ़ मिलिशिया प्लाटून कमांडर शंकर, सुमित्रा कड़ती एवं अन्य माओवादी नेताओं के इशारे पर कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा घटना दिनांक हिंसात्मक होकर ग्रामीणों एवं मजदूरों के साथ मारपीट किया गया ।

उल्लेखनीय है कि जिले के थाना भैरमगढ़ अंतर्गत ग्राम फुंडरी में इंद्रावती नदी पर निर्माणाधीन पुल की सुरक्षा के लिए 165 वीं बटालियन सीआरपीएफ बल तैनात है । विगत एक माह से कुछ प्रदर्शनकारी पुल निर्माण और अन्य विकास कार्य का विरोध जताते हुए बंगोली घाट पर प्रदर्शनरत हैं । दिनांक 26 मार्च 2022 को फुंडरी स्थित इंद्रावती नदी पर निर्माणाधीन पुल पर माओवादी समर्थित प्रदर्शनकारियों द्वारा विरोध जताते हुए पुल के निर्माण कार्य मे लगे मजदूरों के साथ मारपीट किया गया था । इस घटना में 4 मजदूर सहित एक ग्रामीण को गम्भीर छोटे आई है । घटना की सूचना मिलते ही सीआरपीएफ 165 बटालियन, थाना भैरमगढ़ और नेलसनार का बल तत्काल घटना स्थल रवाना होकर स्थिति और आंदोलनकारियों को नियंत्रित कर घायलों को सीआरपीएफ केम्प में प्राथमिक उपचार के बाद नेलसनार अस्पताल पहुंचाया गया , तथा आरोपियों की पहचान कर धरपकड़ की कार्यवाही की गई ।

इस घटना में संलिप्त आरोपियों से पूछताछ और एकत्र किए गए तथ्य के अनुसार माओवादियो द्वारा जनता को दिग्भर्मित कर शासन, प्रशासन के विरोध में भड़काकर विकास विरोधी कार्यों की विस्तृत रूप रेखा तैयार किया गया था । जप्त किये गए पत्र और आरोपियों से पूछताछ पर माओवादियों द्वारा बैठक कर आरोपियों को विकास कार्यो का विरोध करने का निर्देश दिया और भीड़ को बरगलाने, तोड़ फोड़ करते हुए मजदुरो को कैसे भगाया जाए इस बात की ट्रेनिंग भी दिया गया ।

प्रकरण में विवेचना के दौरान वैधानिक कार्यवाही करते हुए घटना में शामिल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, आरोपियों के विरुद्ध भैरमगढ़ थाना में विधिवत कार्यवाही के बाद न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया । पुलिस को प्रकरण की विवेचना में माओवादियों के इशारे पर क्षेत्र में शांति भंग कर हिंसा को भड़काने वाले कई व्यक्तियों के सम्बंध में अहम जानकारी, साक्ष्य/सबूत भी मिले है, जिसके सम्बन्ध में अग्रिम विवेचना की जा रही है ।

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