प्लांट प्रभावित किसानों ने प्रबंधन से वादा पूरा करने की मांग कीपांच सूत्री ज्ञापन सौंपा

जगदलपुर :- नगरनार एनएमडीसी इस्पात संयंत्र से प्रभावित ग्रामीणों ने प्रबंधन को ज्ञापन सौंप पंचायत क्षेत्र के विकास समेत अन्य वादे पूरा करने की मांग की है. ज्ञापन के जरिए कहा गया है कि, वर्ष 2001 में एनएमडीसी के द्वारा नगरनार में इस्पात संयंत्र की स्थापना के लिए किये गए भू-अधिग्रहण से प्रभावित ग्राम पंचायतों के समग्र विकास एवं मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु बड़ी घोषणाएं कर क्षेत्र की जनता से वादा किया गया था. किन्तु आज तक उन घोषणाओं का क्रियान्वयन उचित तरीके से न होने के कारण यहाँ की जनता एवं भू-अधिग्रहण से प्रभावित किसान अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं।
बस्तर अंचल की जनता को बेहतर मेडिकल फैसिलिटी उपलब्ध कराने हेतु संयंत्र के समीप ही सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल स्थापित करने वर्ष 2008 में वादा किया गया था। इसके लिए जिला प्रशासन बस्तर द्वारा ग्राम कोपागुड़ा-खुटपदर में लगभग 22 एकड़ भूमि भी एनएमडीसी को हस्तांतरित की जा चुकी है। किन्तु एनएमडीसी ने वायदे के 18 वर्ष बाद भी क्षेत्र की जनता की मांग अब तक अधूरी रखी है। एवं अस्पताल के लिए हस्तांतरित भूमि की घेराबंदी के बाद आज पर्यन्त अस्पताल के लिए नींव भी नहीं रखी जा सकी है जिसे लेकर क्षेत्र की जनता में आक्रोश व्याप्त है। साथ ही लगातार यातायात के बढ़ते दबाव की समस्या के निजात के लिए सिक्स लेन सड़क की मांग की गई. प्लांट के अपशिष्ट से क्षेत्र के आसपास बंजर हो रहे खेतों की उर्वरा क्षमता बढ़ाने प्रयास किये जाएं, परिक्षेत्र में विकास, शिक्षा, पानी, बिजली, सड़क समेत अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं का विस्तार किया जाए. खेलों के विकास के लिए बेहतर खेल मैदान तैयार किया जाए. ज्ञापन में कहां गया है कि एनएमडीसी इस्पात संयंत्र में उपयोग के पश्चात् जो दूषित जल है उसके उचित तरीके से निस्तारण एवं दूषित जल को शुद्ध कर दोबारा उपयोग में लेने हेतु किसी भी प्रकार का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। एवं एनएमडीसी प्रबंधन के द्वारा दूषित जल को संयंत्र के 03 नम्बर गेट के माध्यम से आसपास की उपजाऊ सिंचित भूमि में अनुचित तरीके से प्रवाहित कर दिया जाता है जिसकी वजह से किसानों की फसल पूरी तरह से नष्ट हो रही है और एनएमडीसी की ओर से नाम मात्र का मुआवजा किसानों को पकड़ा दिया जाता है। इसके अलावा आसपास के पंचायत को प्रभावित क्षेत्रों में शामिल करने व उनके विकास की मांग भी रखी गई है.

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