झारखंड में सक्रिय 8 नक्सलियों ने बीजापुर में किया सरेंडर
जगदलपुर। झारखंड में सुरक्षा बलों के लगातार बढ़ते दबाव और छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर झारखंड में सक्रिय रहे 8 नक्सलियों ने बीजापुर एसपी के समक्ष बुधवार को आत्मसमर्पण कर दिया। ये सभी 8 माओवादी छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। इनमें 3 डीबीसीएम और 4 एसीएम रैंक के नक्सली शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी लच्छू जो झारखंड संगठन में प्रवक्ता की भूमिका निभा रहा था, ने बताया कि वह पिछले 16 वर्षों से नक्सली संगठन से जुड़ा हुआ था। उसने कहा कि वह मूल रूप से बीजापुर ब्लाक के सावनार गांव का निवासी है। गांव के अन्य लोगों के संगठन में जाने के कारण वह भी नक्सलियों के साथ चला गया था। वर्ष 2014 से वह झारखंड में सक्रिय था।

लच्छू ने बताया कि सीआरपीएफ और सुरक्षा बलों के प्रयासों और छग की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उसने आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया। उसने कहा कि लगातार फोर्स के दबाव के कारण जान बचाना मुश्किल हो रहा था, इसलिए हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटना ही बेहतर विकल्प लगा। उसने जानकारी दी कि अभी भी संगठन में करीब 15 से 20 नक्सली झारखंड में सक्रिय हैं।
आत्मसमर्पण के बाद लच्छू ने कहा कि अब वह अपने गांव में खेती किसानी कर सामान्य जीवन जीना चाहता है। उसने अन्य सक्रिय माओवादियों से भी हथियार छोड़कर सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाते हुए मुख्यधारा में लौटने की अपील की।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि लगातार आत्मसमर्पण की घटनाएं नक्सली संगठन के कमजोर होते जनाधार और सुरक्षा बलों के प्रभावी अभियान का संकेत हैं।
