नक्सलगढ़ को डिजीटलगढ़ बना दिया सीएससी संचालक चंद्रशेखर साहू ने



सुकमा। कभी नक्सलगढ़ के नाम से पहचाने जाने वाला सुकमा आज विकास, डिजीटल सशक्तिकरण और जनसेवा की नई पहचान गढ़ रहा है। इस बदलाव की अग्रिम पंक्ति में कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसी कड़ी में छिंदगढ़ निवासी सीएससी वीएलई चंद्रशेखर साहू ने अपने उत्कृष्ट कार्यों से पूरे जिले का नाम रोशन किया है। ग्रामीण अंचलों में पिछले 15 वर्षों से निरंतर जनसेवा और डिजीटल सेवाओं के विस्तार के लिए उन्हें राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया है, जो सुकमा जिले के लिए गर्व का विषय है।
अति-संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्र में कार्य करते हुए चंद्रशेखर साहू ने हजारों ग्रामीणों को बैंकिंग और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का उल्लेखनीय कार्य किया है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के बैंक मित्र (बीसी) के रूप में उन्होंने अब तक 50 हजार से अधिक बैंक खाते खुलवाने का रिकॉर्ड बनाया है। इसके साथ ही वे प्रतिदिन ग्रामीणों को बैंकिंग, बीमा, आधार, किसान पंजीयन, लेबर पंजीयन, महतारी वंदन योजना, श्रम योगी मानधन सहित अनेक सरकारी सेवाएं उनके गांव तक पहुंचाकर डिजीटल क्रांति को नई गति दे रहे हैं। अपनी इस उपलब्धि का श्रेय चंद्रशेखर साहू ने केवल अपनी मेहनत को नहीं, बल्कि सीएससी जिला प्रबंधक शेख शाहरुख के मार्गदर्शन और जिला टीम के सतत सहयोग को भी दिया है। उनका कहना है कि विषम परिस्थितियों और चुनौतियों के बीच टीमवर्क, सही दिशा-निर्देश और सेवा भावना के कारण ही दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी और डिजीटल सुविधाएं प्रभावी ढंग से पहुंचाना संभव हो पाया। राज्य स्तर पर मिला यह सम्मान न केवल चंद्रशेखर साहू की वर्षों की निष्ठा और समर्पण का प्रमाण है, बल्कि सुकमा जिले की बदलती तस्वीर का भी प्रतीक है। यह उपलब्धि जिले के अन्य सीएससी संचालकों के लिए प्रेरणास्रोत बनी है और यह संदेश देती है कि मजबूत संकल्प, सेवा भावना और सही मार्गदर्शन के बल पर सबसे कठिन परिस्थितियों में भी विकास और परिवर्तन की नई इबारत लिखी जा सकती है।

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