माँ नर्मदा से भोरमदेव तक की पावन यात्रा


कवर्धा,,, पंडरिया विधायक भावना दीदी का एक बेहद आत्मीय अनुभव देखने को मिला। नदी किनारे रहने वाली हमारी प्यारी दीदी ने भावना दीदी से पहले ही कह दिया था—“दिदी, यहीं रुकना…” दीदी के इस स्नेहभरे आग्रह को स्वीकार कर भावना दीदी ने उनके घर रात्रि विश्राम किया। रात्रि विश्राम के बाद अगली सुबह तीसरे दिन मन में छत्तीसगढ़ की सुख,समृद्धि के संकल्प के साथ कमर तक नदी के प्रवाह को पार करते हुए आस्था और संस्कृति के प्रति अपने दृढ़निश्चय का जो परिचय दिया वह निःस्वार्थ सेवा की उनकी भावना को दर्शाता है।

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