आयरन ओर और लोहा चोरी में पर्दे के पीछे कौन, खुलासा जरूरी: गैदू



जगदलपुर नगरनार स्टील प्लांट के लिए भेजे गए 31.5 टन आयरन ओर को कथित तौर पर रास्ते में निजी यार्ड में उतारे जाने के मामले में सियासत गरमा गई है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) मलकीत सिंह गैदु ने मामले में पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि एफआईआर को केवल दो लोगों तक सीमित कर बड़े आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र में हुए लोहा चोरी के बड़े मामले पर भी बड़ा हमला बोला है।
श्री गैदूने कहा कि यदि नगरनार स्टील प्लांट के 31.5 टन आयरन ओर के परिवहन में अनियमितता सामने आई है तो जांच केवल वाहन चालक और निजी यार्ड से जुड़े व्यक्ति तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। ट्रांसपोर्ट कंपनी, वाहन मालिक, माल की निगरानी से जुड़े जिम्मेदार लोगों तथा मामले से जुड़े अन्य संभावित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। कांग्रेस नेता मलकीत सिंह गैदू ने कहा कि यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ट्रक और दो लोगों पर एफआईआर दर्ज करने के बाद क्या पूरे मामले की जांच वास्तव में आगे बढ़ रही है या इसे सीमित कर समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। श्री गैदू ने कहा कि यह मामला केवल एक ट्रक से आयरन ओर की कथित हेराफेरी तक सीमित नहीं हो सकता। यदि रेलवे साइडिंग से लंबे समय से आयरन ओर के परिवहन में अनियमितता होती रही है तो पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड की जांच जरूरी है। मलकीत सिंह गैदू ने कहा है कि प्रभावशाली लोगों को बचाने की चर्चा जोरों पर है। उन्होंने एक भाजपा विधायक के कथित दबाव में कुछ लोगों को कार्रवाई के दायरे से बाहर रखने के आरोप की भी निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी राजनीतिक या प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में पुलिस की कार्रवाई सीमित की गई है तो यह गंभीर मामला है।*


पिछले वर्षों के रिकॉर्ड की हो जांच
श्री गैदू ने पुलिस और एनएमडीसी से मांग की है कि मौजूदा मामले के साथ-साथ पिछले कई वर्षों में रेलवे साइडिंग से नगरनार स्टील प्लांट और अन्य गंतव्यों तक भेजे गए आयरन ओर के परिवहन रिकॉर्ड की भी जांच की जाए। उन्होंने वाहन नंबर, ई-परमिट, वजन पर्ची, ट्रांजिट रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, वाहन की जीपीएस, मोबाइल लोकेशन, रेलवे साइडिंग के रिकॉर्ड और निजी यार्ड की आवक-जावक का मिलान कराने की मांग की। उनका कहना है कि इन रिकॉर्ड्स की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि आयरन ओर कहां से लोड हुआ, किस वाहन से भेजा गया, किस रास्ते से निजी यार्ड तक पहुंचा, वहां किसके निर्देश पर उतारा गया और इसके बाद माल का क्या हुआ।

यूं ही खत्म नहीं हो जाता मामला
वरिष्ठ कांग्रेस नेता मलकीत सिंह गैदू ने कहा कि कांग्रेस किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसाने की मांग नहीं कर रही है। पार्टी की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और जो भी दोषी मिले, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी बड़े नेटवर्क, कारोबारियों, बिचौलियों अथवा प्रभावशाली लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनकी भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। श्री गैदू ने कहा कि यदि लंबे समय से आयरन ओर के परिवहन में इसी तरह की अनियमितताएं हुई हैं तो इससे एनएमडीसी को बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। इसलिए पुराने परिवहन परमिट, वजन रिकॉर्ड, वाहनों की आवाजाही और गंतव्य तक माल पहुंचने से जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन और एनएमडीसी से मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग की। कांग्रेस नेता श्री गैदू ने कहा है कि यदि जांच में किसी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका प्रमाणित होती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ दो लोगों पर एफआईआर दर्ज होने से सवाल खत्म नहीं हुए हैं, बल्कि असली सवाल अब शुरू हुआ है। आखिर बाकी लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई और किसके दबाव में उन्हें बचाया जा रहा है?

वरिष्ठ कांग्रेस नेता मलकीत सिंह गैदू ने कहा कि पर्दे के पीछे बैठकर सरकारी संपत्ति की लूट करने वाले सफेदपोशों का भी पर्दाफाश होना चाहिए। श्री गैदू ने आशंका जताई है कि इस काले कारोबार में कुछ प्रभावशाली लोग भी जुड़े हो सकते हैं, जिनका खुलासा जरूरी है।

सीबीआई को सौंपी जाए जांच
कांग्रेस नेता मलकीत सिंह गैदू ने भिलाई के लोहा चोरी कांड का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा के शासन में इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं। ये घटनाएं कई संदेहों को जन्म देती हैं। कांग्रेस नेता श्री गैदू ने कहा कि बड़े पैमाने पर अफीम और गांजे की खेती तथा इनमे भाजपा नेताओं की संलिप्तता उजागर होने के बाद अब लोहा चोरी की घटनाएं हो रही हैं। आखिर यह सब किसकी सह पर हो रही हैं, इनका खुलासा होना चाहिए। श्री गैदू ने बीएसपी भिलाई की लोहा चोरी और बस्तर के नगरनार स्टील प्लांट की आयरन ओर चोरी की सीबीआई जांच की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि एनएमडीसी का नगरनार स्टील प्लांट और भिलाई स्टील प्लांट केंद्र सरकार केंद्र सरकार के अधीन हैं और दोनों जगहों पर केंद्र सरकार को बड़ी आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है। इसलिए मामलों की सीबीआई से जांच जरूरी है।

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