शिक्षा और गांव के विकास के लिए सरपंच सरपंच संतोष कुमार कश्यप का अनूठा समर्पण



अर्जुन झा-
बकावंड। आज जहां ज्यादातर सरपंच ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना और गांवों का विकास करना छोड़ अवैध कमाई में व्यस्त हो जाते हैं, सरकारी धन को लूटने में मगन हो जाते हैं, ऐसे दौर में बस्तर जिले में एक सरपंच ऐसा भी है, जिसने जनसेवा, प्रकृति संरक्षण, ग्राम विकास और गांव में शिक्षा की अलख जगाने को अपना कर्म-सिद्धांत बना लिया है। धुन का पक्का यह सरपंच दिन रात ग्रामीणों की भलाई में लगा रहता है। इस सरपंच की एक बड़ी ही प्रेरणादायक पहल सामने आई, जो शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है। ये सरपंच जी अपनी पंचायत के विद्यार्थियों को खुद निशुल्क कोचिंग देते आ रहे हैं। अब तो उन्होंने पंचायत में एक उत्कृष्ट कोचिंग सेंटर भी खोल दिया है, जहां सरपंच सहित गांव के कुछ शिक्षित युवा बच्चों को विषयवार पढ़ाई कराते हैं।
एक सरपंच की यह प्रेरक पहल सामने आई है बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा से। यहां शिक्षित युवा संतोष कुमार कश्यप सरपंच चुने गए हैं। मूलतः कृषक परिवार से ताल्लुक संतोष कुमार कश्यप ने अन्य युवाओं की तरह सरकारी नौकरी के पीछे भागना छोड़ जनसेवा को अपना मिशन बनाया, अपने शैक्षणिक ज्ञान का उपयोग गांव के बच्चों को प्रतिभाशाली बनाने में करने की ठान ली। पंचायत चुनाव में ग्रामीणों ने उन्हें भरपूर स्नेह देते हुए अपना सरपंच चुन लिया। सबका साथ, सबका, सबका विश्वास के सिद्धांत पर चलते हुए सरपंच संतोष कुमार कश्यप ने सरपंच चुने के बाद से ही ग्रामीणों के विश्वास पर खरा उतरना शुरू कर दिया। गांव के विकास की योजना ग्रामीणों के साथ मिल बैठकर तैयार करने की नई परंपरा शुरू की गई। शासन की योजनाओं का लाभ गांव के जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।ग्रामीणों के हर सुख दुख में हर पल साथ खड़े रहने वाले सरपंच संतोष कुमार कश्यप ने इसके अलावा ग्रामीण बच्चों की शिक्षा पर विशेष रूप से फोकस किया। वे हफ्ते पंद्रह दिन के अंतराल में पंचायत क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों का विजिट करते रहते हैं। इस दौरान वे बच्चों के साथ आत्मीय संवाद कर उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करते हैं। स्कूलों में दिए जाने वाले मध्यान्ह भोजन और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों, एवं गर्भवती तथा शिशुवती माताओं को दिए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता को लेकर भी बड़ी संजीदगी दिखाते हैं। शिक्षा के प्रति संतोष कुमार कश्यप का यह चरम समर्पण ही है कि वे दो साल से गांव के बच्चों को खुद मुफ्त में ट्यूशन पढ़ाते आ रहे हैं।

खोला निशुल्क कोचिंग सेंटर
सरपंच संतोष कश्यप ने अब छोटे देवड़ा में निशुल्क कोचिंग सेंटर का संचालन भी शुरू कर दिया है। इस सेंटर का शुभारंभ आज 9 सितंबर को किया गया। श्री कश्यप ने गांव के बड़े बुजुर्गों और पंचों की उपस्थिति में सरस्वती माता और भारत माता कi पूजा अर्चना कर किया। ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा में शिक्षा को बेहतर एवं सुलभ बनाने के उद्देश्य से इस अभिनव पहल की शुरुआत की गई है। सरपंच संतोष कुमार कश्यप द्वारा लगातार 2 वर्ष से ग्राम के बच्चों को निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। अब इस कोचिंग सेंटर में कक्षा पहली से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य है- बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना, शासकीय शाला के बाद अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग प्रदान करना और शिक्षा के प्रति गांव में जागरूकता लाना।सरपंच श्री कश्यप प्रतिदिन पंचायत भवन में बच्चों को हिंदी, गणित एवं सामान्य ज्ञान की कक्षाएं ले रहे हैं। इस कार्य से पालकों में हर्ष का माहौल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *