सड़क निर्माण में गुणवत्ता और समयसीमा का रखें ध्यान, बस्तर की कला-संस्कृति को नई पहचान देगा निर्माणाधीन बस्तर कला केंद्र: महापौर संजय पाण्डेय
जगदलपुर। शहर के धरमपुरा क्षेत्र में सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्य को गति देने के साथ-साथ बस्तर की कला-संस्कृति को नया मंच देने की तैयारियों ने भी जोर पकड़ लिया है। महापौर संजय पांडे ने धरमपुरा पहुंचकर सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर निर्माण की प्रगति, सड़क की स्थिति और कार्य से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी अधिकारियों से ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
महापौर ने अधिकारियों से कहा कि सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। निर्माण के दौरान आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और निर्माण के बाद लंबे समय तक सड़क की उपयोगिता बनी रहे, इसके लिए तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया।

सड़क चौड़ीकरण से आवागमन होगा आसान
धरमपुरा शहर के महत्वपूर्ण शैक्षणिक और संस्थागत क्षेत्र के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। यहां काकतीय पीजी कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, महिला पॉलिटेक्निक सहित कई प्रमुख संस्थान स्थित हैं। ऐसे में क्षेत्र की सड़कों पर यातायात का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। दलपत सागर से अनुपमा चौक और दलपत सागर से दामोदर पेट्रोलपम्प तक भी हो रहे चौड़ीकरण और नालियों के संबंध में भी जानकारी ली गई । नाली के ऊपर एक पुराने आवास को भी व्यवस्थापन के तहत आवास देने हेतु नगर निगम आयुक्त से कहा गया है।
महापौर ने कहा कि शहर के विकास का अर्थ केवल नई इमारतें खड़ी करना नहीं, बल्कि बेहतर सड़क, सुगम यातायात, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं का मजबूत नेटवर्क तैयार करना है। धरमपुरा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण इसी व्यापक विकास दृष्टिकोण का हिस्सा है।
निर्माणाधीन बस्तर कला केन्द्र का भी लिया जायजा
महापौर संजय पांडे ने निर्माणाधीन बस्तर कला केंद्र भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों से परियोजना के स्वरूप और आगामी कार्यों के संबंध में चर्चा की।
उन्होंने कहा कि बस्तर केवल प्राकृतिक संपदा के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी जनजातीय कला, लोक परंपराओं, हस्तशिल्प, संगीत और सांस्कृतिक विरासत के लिए देश-दुनिया में अलग पहचान रखता है। ऐसे में शहर में ऐसा मंच विकसित होना जरूरी है, जहां स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने के अवसर मिल सकें।
महापौर ने कहा कि “जगदलपुर को ऐसा शहर बनाना है, जहां आधुनिक विकास के साथ बस्तर की पहचान और संस्कृति भी मजबूती से दिखाई दे। सड़क, नाली और मूलभूत सुविधाओं के विकास के साथ कला-संस्कृति के लिए बेहतर अधोसंरचना तैयार करना भी नगर विकास की प्राथमिकता है।”
उन्होंने कहा कि बस्तर की कला को बड़े मंच और बेहतर अवसर मिलने से स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा नई पीढ़ी भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सकेगी। बस्तर की कला और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच देने की दिशा में जिला स्तर पर भी प्रयास किए जा रहे हैं।
विकास और विरासत का बनेगा संगम
धरमपुरा में सड़क चौड़ीकरण और बस्तर कला मंच का निरीक्षण एक साथ किए जाने को शहर के भौतिक विकास और सांस्कृतिक पहचान को साथ लेकर चलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। महापौर ने अधिकारियों को दोनों कार्यों में गति बनाए रखने और जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए।
इस दौरान निगम अध्यक्ष श्री खेम सिंह देवांगन जी, श्री निर्मल पाणिग्राही जी, श्री सुरेश गुप्ता जी श्री लक्ष्मण झा जी, श्री योगेंद्र पांडे जी, न.पा.नि. आयुक्त श्री प्रवीण कुमार वर्मा जी, श्री गोपाल भरतद्वाज जी, श्री अमर सिंह जी एवं श्री अमन नेताम जी एवं शहर के गड़मान्य जन उपस्थित रहे।
