लद गए जनता से ताली, थाली बजवाने और दीया जलवाने के दिन: अशोक फड़नवीस



राजनांदगांव। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व चेयरमैन नगर निगम राजनांदगांव अशोक फड़नवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों को लेकर कहा कि देश की जनता अब केवल उत्सव और प्रचार नहीं, बल्कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और आर्थिक राहत के ठोस परिणाम चाहती है।
श्री फड़नवीस ने कहा कि एक समय प्रधानमंत्री की अपील पर देशभर में लोगों ने घरों में ताली-थाली बजाई और दीपक जलाए थे। आज उसी प्रकार सरकार और भाजपा द्वारा जन्मदिन तथा राजनीतिक उपलब्धियों को उत्सव का रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि शासकीय संस्थानों अथवा सार्वजनिक स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलन जैसे आयोजनों पर सरकारी धन खर्च हो रहा है, तो सरकार को उसका खर्च और स्रोत सार्वजनिक करना चाहिए। यह राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबों और सार्वजनिक सुविधाओं पर खर्च की जा सकती है।
कांग्रेस नेता अशोक फड़नवीस ने कहा कि देश में पिछले दशक में सरकारी स्कूलों की संख्या में लगभग 94 हजार की कमी की रिपोर्ट सामने आई है। नीति आयोग की रिपोर्ट के आधार पर 2014-15 से 2024-25 के बीच सरकारी स्कूलों की संख्या लगभग 11.07 लाख से घटकर 10.13 लाख हुई। हालांकि स्कूलों के बंद और विलय के पीछे कम नामांकन, जनसांख्यिकीय बदलाव और स्कूलों के रेशनेलिशन जैसे कारण भी बताए गए हैं। श्री फड़नवीस ने सवाल उठाए हैं कि महंगाई और घरेलू बजट पर बढ़ते दबाव का समाधान क्या है? युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार और नियमित भर्ती कब होगी? छोटे व्यापारियों और लघु उद्योगों को कर एवं अनुपालन के बोझ से राहत कैसे मिलेगी?
सरकारी स्कूलों की घटती संख्या और विद्यार्थियों के सरकारी शिक्षा से बाहर जाने की प्रवृत्ति को कैसे रोका जाएगा? रसोई गैस और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर आम परिवार को राहत कब मिलेगी?
सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं के विनिवेश, निजीकरण को लेकर सरकार की स्पष्ट नीति क्या है? पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर प्रभावी कार्रवाई कब सुनिश्चित होगी? श्री फड़नवीस ने कहा कि यूपीआई से भुगतान पर सीधे कोई सामान्य यूपीआई टैक्स लगने का दावा सही नहीं है, इसलिए सरकार को डिजीटल भुगतान और उससे जुड़े शुल्कों के संबंध में जनता को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। इसी तरह अमेरिका की ओर से भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ का दावा भी वस्तु-विशेष और अलग-अलग अमेरिकी व्यापारिक आदेशों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। इसे सभी भारतीय वस्तुओं पर समान 100 प्रतिशत शुल्क के रूप में प्रस्तुत करना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल सरकार की अधिकारिक नीति का हिस्सा है और इसका उद्देश्य घरेलू एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देना।
अशोक फड़नवीस ने कहा कि जन्मदिन मनाना गलत नहीं है, लेकिन जनता के पैसे से उत्सव मनाने के बजाय जनता के जीवन में खुशहाली लाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जनता से ताली-थाली और दीया जलवाने के दिन अब लद गए। जनता अब सवाल पूछ रही है कि रोजगार कहां है, महंगाई से राहत कब मिलेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य को प्राथमिकता कब मिलेगी?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *